Hisar के नागरिक अस्पताल में छत से टपका पानी, करोड़ों के सुंदरीकरण के बाद भी सामने आई बड़ी लापरवाही

On: March 12, 2026 9:08 AM
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Water Leaks from Ceiling at Hisar Civil Hospital, Major Lapse Exposed Despite Crores Spent on Renovation

Haryana के Hisar स्थित नागरिक अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां फिजिशियन की ओपीडी नंबर 2 और 3 में छत से पानी टपकने की घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और हाल ही में हुए सुंदरीकरण कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले साल ही अस्पताल में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण और मरम्मत का कार्य कराया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर इस तरह की स्थिति सामने आने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

Water Leaks from Ceiling at Hisar Civil Hospital, Major Lapse Exposed Despite Crores Spent on Renovationमिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम अचानक फिजिशियन की ओपीडी नंबर 2 और 3 की छत से पानी टपकना शुरू हो गया। उस समय ओपीडी के कमरे बंद थे, इसलिए किसी मरीज या स्टाफ को सीधे तौर पर नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की इमारत की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिसार अस्पताल की ओपीडी में टपकी छत ?

अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, जब छत से पानी टपकना शुरू हुआ तो पहले तो किसी को समझ नहीं आया कि यह समस्या कैसे पैदा हुई। बाद में जब पानी लगातार गिरने लगा तो स्थिति को संभालने के लिए अस्थायी इंतजाम किए गए। फिलहाल दोनों ओपीडी के बाहर दो डस्टबिन रख दिए गए ताकि टपकता हुआ पानी उनमें इकट्ठा हो सके और फर्श पर ज्यादा फैलाव न हो। बताया जा रहा है कि काफी देर बाद अस्पताल प्रशासन ने पानी की सप्लाई को बंद करवाया, जिसके बाद छत से पानी गिरने की स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हो पाई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पानी टपकने का कारण पाइपलाइन की खराबी है या छत के निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी कमी रह गई है।

अस्पताल के निर्माण कार्य पर उठे सवाल ?

अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि गुरुवार सुबह स्थिति का सही आकलन किया जाएगा। तब यह पता लगाया जाएगा कि छत से पानी टपकने के कारण कमरे के अंदर कितना नुकसान हुआ है। यदि पानी कमरे के अंदर उपकरणों या अन्य सामान तक पहुंचा होगा तो नुकसान की संभावना भी हो सकती है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि जब अस्पताल में करोड़ों रुपये खर्च कर सुंदरीकरण किया गया था, तब उम्मीद थी कि सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को अच्छी व्यवस्था मिलेगी। लेकिन कुछ ही महीनों में इस तरह की घटनाएं सामने आना यह दर्शाता है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कहीं न कहीं कमी रह गई है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर अभी से इमारत की यह स्थिति है तो आने वाले समय में क्या हाल होगा। अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

जानकारों का मानना है कि इस मामले की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि समस्या किस वजह से पैदा हुई। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल अस्थायी व्यवस्था की गई और पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। अब पूरी स्थिति की जांच कराई जाएगी और यदि कोई तकनीकी खराबी पाई जाती है तो उसे जल्द से जल्द ठीक करवाया जाएगा। फिलहाल यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी दोबारा न हो और अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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