Haryana बोर्ड में सामूहिक नकल का वीडियो हुआ वायरल

On: March 12, 2026 11:20 AM
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Viral Video Shows Mass Cheating in Haryana Board Exams

Haryana विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में सामूहिक नकल का एक वीडियो सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत में सनसनी मचा दी है। यह मामला चरखी दादरी के बाढ़ड़ा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है। वीडियो के अनुसार, छात्राएं खुलेआम एक-दूसरे की कॉपियों की अदला-बदली कर रही हैं और सवाल-पत्र तथा उत्तर पुस्तिकाओं को अपने साथ लेकर बाहर जा रही हैं। यही नहीं, वीडियो में टीचर के सामने ही नकल करते हुए छात्राएं दिखाई दे रही हैं, जबकि शिक्षक उनके आसपास घूम रहे हैं।

Viral Video Shows Mass Cheating in Haryana Board Examsदो दिन की परीक्षाओं की सीसीटीवी जांच के बाद यह मामला सामने आया। इससे साफ पता चलता है कि न केवल छात्राएं, बल्कि कुछ शिक्षक भी इस गंभीर कृत्य में शामिल थे। यह घटना हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं की सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल उठाती है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो रिकार्डिंग नियंत्रण कक्ष, भिवानी को भेज दी गई है।

पहले से पकड़े गए नकल के मामले और रद्द हुई परीक्षा ?

हरियाणा बोर्ड ने 25 फरवरी से अपनी परीक्षाएं शुरू की हैं और इस दौरान अब तक 191 नकल के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण मामला पलवल के परीक्षा केंद्र, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलावलपुर-2 (बी-1) का है। यहां 9 मार्च को 12वीं कक्षा की रसायन विज्ञान और लेखांकन विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसे बोर्ड ने रद्द कर दिया। पिछले वर्षों की तुलना में इस साल नकल के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में प्रश्न-पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा में कमजोरियां नकल की घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। छात्रों के लिए यह भी चुनौती है कि वे परीक्षा की तैयारी पूरी ईमानदारी से करें और बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था का सम्मान करें।

नकल के खिलाफ बोर्ड की कड़ी कार्रवाई ?

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने इस गंभीर मामले के मद्देनजर चेतावनी जारी की है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट कहा कि नकल किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों और छात्रों के खिलाफ प्रमाण मिलते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नकल केवल छात्राओं की परीक्षा रद्द करने या अंक काटने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें शामिल शिक्षकों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे न केवल शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता जरूरी ?

यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि परीक्षा की निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। बोर्ड और स्कूलों को चाहिए कि वे छात्रों में नैतिक शिक्षा और परीक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाएं। साथ ही, शिक्षकों को भी जिम्मेदारीपूर्वक अपने कार्यों का पालन करना चाहिए, ताकि नकल जैसी घटनाएं दोबारा न हों।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है। डिजिटल सीसीटीवी और परीक्षा निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाकर बोर्ड नकल के मामलों को कम कर सकता है। इसके अलावा, छात्रों को प्रोत्साहित करना कि वे अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और ईमानदारी से परीक्षा दें, लंबे समय में शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। हरियाणा बोर्ड की यह कार्रवाई और जांच इस बात की दिशा में एक सकारात्मक कदम है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखा जाए। आने वाले समय में इस मामले की जांच पूरी होने के बाद बोर्ड द्वारा लिए गए कदम न केवल चरखी दादरी के स्कूल तक सीमित रहेंगे, बल्कि पूरे प्रदेश में परीक्षा की ईमानदारी सुनिश्चित करेंगे।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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