Haryana : हरियाणा की सड़कों पर नहीं दिखेंगे आवारा पशु, सैनी सरकार का बड़ा फैसला

On: May 21, 2025 8:05 PM
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Haryana: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब कठोर कार्रवाई की जाएगी.

खुले में छोड़े पशु पर अब लगेगा भारी जुर्माना

अब यदि कोई डेयरी संचालक या पशु मालिक अपने पशु को सड़क पर खुला छोड़ता है, तो उस पर पहली बार 5,000 रुपए, दूसरी बार 11,000 रुपए और तीसरी बार 21,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इससे पहले यह जुर्माना मात्र 500 रुपए था. यह निर्णय सीएम की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया.

निगम आयुक्तों को भेजे गए पत्र
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए नगर निगम आयुक्तों को पत्र भेजा गया है. उन्हें कहा गया है कि इन आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए. ताकि सड़क हादसे, ट्रैफिक जाम और जनहानि जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.

पूरे प्रदेश में लागू होगी GPS टैगिंग प्रणाली

सीएम नायब सैनी ने आदेश दिए हैं कि प्रदेशभर में लावारिस पशुओं की पहचान और निगरानी के लिए GPS आधारित टैगिंग प्रणाली विकसित की जाए. इस तकनीक के जरिए डेयरी संचालकों पर नजर रखी जा सकेगी. ताकि बार-बार पशुओं को खुला छोड़ने की प्रवृत्ति रोकी जा सके.

SOP तैयार करने के निर्देश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आदेश दिए गए हैं कि वह एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे. इस SOP में निम्न बिंदु शामिल होंगे:

लावारिस पशुओं की पहचान और टैगिंग
पशुओं के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त जगहों की पहचान
स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान देखभाल की व्यवस्था
गौशाला मालिकों की जिम्मेदारी तय करना
समयबद्ध तरीके से स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करना
पंचायत भूमि पर बनेगी नंदीशाला और गौशाला
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों को निर्देशित किया कि गांव और पंचायत की खाली भूमि को चिन्हित किया जाए. जहां नंदीशाला, गौशाला और गौ अभियान से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा सकें. यह कदम लंबे समय में लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है.

नए गौ संरक्षण अभियान की शुरुआत
गौ संरक्षण अभियान के तहत, अब जो पशु नए गौशालाओं या नंदीशालाओं में ट्रांसफर किए जाएंगे, उन्हें GPS टैगिंग सिस्टम से ट्रैक किया जाएगा. इससे पशुओं की सही स्थिति की निगरानी आसान होगी और जो लोग बार-बार पशुओं को सड़कों पर छोड़ते हैं, उन पर कार्रवाई की जा सकेगी.

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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