शतरंज की दुनिया एक बार फिर इतिहास दोहराने जा रही है। पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि शतरंज के दो महान खिलाड़ी विश्व विजेता भारत के विश्वनाथन आनंद और रूस के गैरी कास्परोव 30 साल बाद क्लच शतरंज द लीजेंड्स टूर्नामेंट में फिर से आमने-सामने होंगे।
इस 12 बाजी के मुकाबले में 144000 डॉलर की इनामी राशि है। कास्परोव ने साल 1995 में आनंद के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप जीती थी। इस प्रतियोगिता में रैपिड और ब्लिट्ज बाजी होंगी जिसमें प्रतिदिन चार बाजी खेली जाएंगी। विजेता को 70000 डॉलर मिलेंगे।
Anand vs Kasparov: आनंद बनाम कास्परोव –
भारतीय ओलम्पिक संघ आईओए से मान्यता प्राप्त महाभारत के भीष्म पितामह शक्तिमान मुकेश खन्ना के नेतृत्व वाली भारत सरकार से एकमात्र आयकर छुट प्राप्त हरियाणा शतरंज एसोसिएशन एचसीए के प्रदेश महासचिव ब्रहमचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और दिग्गज रूसी ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव 30 साल बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगे। दोनों के बीच यह रोमांचक मुकाबला 8 अक्टूबर 2025 से ‘क्लच शतरंज: द लीजेंड्स टूर्नामेंट’ में सेंट लुई शतरंज क्लब में खेला जाएगा।
शतरंज की दुनिया के दो दिग्गज भारत के विश्वनाथन आनंद और रूस के गैरी कास्परोव के बीच प्रतिद्वंद्विता फिर जीवंत होगी, जब ये दोनों 30 साल बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगे। 8 अक्टूबर 2025 बुधवार से शुरू हो रहे ‘क्लच शतरंज द लीजेंड्स टूर्नामेंट’ में ये दोनों भी हिस्सा लेंगे।
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि इस 12 बाजी वाले शतरंज मुकाबले की कुल इनामी राशि 1,44,000 डॉलर (1.27 करोड़ रुपये) होगी और इसका आयोजन नवीनीकृत सेंट लुई शतरंज क्लब में किया जाएगा।

वर्ष 1995 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 107वीं मंजिल पर क्लासिकल विश्व चैंपियनशिप मैच खेलने के बाद खेल के ये दो दिग्गज रैपिड एवं ब्लिट्ज प्रारूप में एक बार फिर आमने-सामने होंगे, जिसे हाल ही में फ्रीस्टाइल शतरंज का नाम दिया गया है। यह टूर्नामेंट 12 बाजियों का होगा जिसकी कुल इनामी राशि 1,44,000 डॉलर (करीब 1.20 करोड़ रुपये) रखी गई है। विजेता को 70,000 डॉलर (करीब 62 लाख रुपये) मिलेंगे, जबकि हारने वाले को 50,000 डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) की राशि दी जाएगी।
12 बाजियों की जंग, करोड़ों की इनामी राशि –
यह टूर्नामेंट 12 बाजियों का होगा जिसकी कुल इनामी राशि 1,44,000 डॉलर (करीब 1.20 करोड़ रुपये) रखी गई है। विजेता को 70,000 डॉलर (करीब 62 लाख रुपये) मिलेंगे, जबकि हारने वाले को 50,000 डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) की राशि दी जाएगी। यदि मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है, तो दोनों खिलाड़ियों को 60,000 डॉलर (करीब 53 लाख रुपये) मिलेंगे। साथ ही 24,000 डॉलर (करीब 21 लाख रुपये) का बोनस भी तय किया गया है।
ऐसा होगा फॉर्मेट –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि रूस के कास्परोव ने भारत के आनंद के विरुद्ध उस मुकाबले में दबदबा बनाया था और 20 बाजी का मुकाबला 10.5-7.5 से जीता था। 2004 में संन्यास लेने के बाद से कास्परोव केवल प्रदर्शनी या ब्लिट्ज प्रतियोगिताओं में ही खेले हैं जबकि आनंद अब कभी-कभार शीर्ष प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में प्रतिदिन चार बाजी होंगी जिसमें दो रैपिड और दो ब्लिट्ज बाजी होंगी। पहले दिन जहां चार अंक दांव पर होंगे तो वहीं दूसरे दिन यह दोगुने हो जाएंगे और प्रत्येक जीत पर दो अंक मिलेंगे। तीसरे दिन प्रत्येक बाजी जीतने पर तीन अंक मिलेंगे।
इतनी है इनामी राशि –
विजेता को 70,000 डालर (लगभग 62 लाख रुपये) मिलेंगे जबकि हारने वाले को 50,000 डालर (लगभग 44 लाख रुपये) मिलेंगे। अगर 12 बाजी के बाद मैच बराबरी पर रहता है तो इनामी राशि आधी-आधी बांटी जाएगी जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 60,000 डालर (करीब 53 लाख रुपये) मिलेंगे। साथ ही 12 बाजी के लिए 24,000 डालर (करीब 21 लाख रुपये) की बोनस राशि भी मिलेगी।
1995 की यादें फिर होंगी ताजा –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारत के आनंद और रूस के कास्परोव आखिरी बार 1995 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 107वीं मंजिल पर विश्व चैंपियनशिप में आमने-सामने हुए थे। उस समय कास्परोव ने 20 बाजियों के इस मैच में 10.5-7.5 से जीत दर्ज की थी। कास्परोव ने 2004 में संन्यास ले लिया था और अब केवल ब्लिट्ज या प्रदर्शनी मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं, जबकि आनंद अब कभी-कभार शीर्ष टूर्नामेंटों में दिखाई देते हैं।
3 दिनों में तय होगी बादशाहत –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें हर दिन चार बाजियां खेली जाएंगी, दो रैपिड और दो ब्लिट्ज। पहले दिन हर जीत पर एक अंक, दूसरे दिन दो अंक और तीसरे दिन तीन अंक मिलेंगे। इस स्कोरिंग प्रणाली से मुकाबला आखिरी दिन तक रोमांचक बने रहने की उम्मीद है।
फ्रीस्टाइल शतरंज में पहली भिड़ंत –
दिलचस्प बात यह है कि यह मैच अब ‘फ्रीस्टाइल शतरंज’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों को पारंपरिक सीमाओं से हटकर खेलने की छूट होती है। शतरंज प्रेमियों के लिए यह मुकाबला सिर्फ दो दिग्गजों की भिड़ंत नहीं, बल्कि तीन दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता की पुनर्जीवित कहानी है।

















