Shardiya Navratri 2025 Day 2 Puja: जानें नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा सामग्री, पूजा विधि

On: September 22, 2025 7:49 PM
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Shardiya Navratri 2025 : जानिए किस दिन होगी कौनसी देवी की पूजा ?

Shardiya Navratri 2025 Day 2 Puja: शारदीय नवरात्रि आश्विन मास की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक चलती है । Navratri में इन 9 दिनों में मां दुर्गा ने नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा भी कहा जाता है।Shardiya Navratri 2025 Day 2 Puja

मंगलवार 23 सितंबर 2025 को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन रहेगा और यह दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। Maa Brahmacharini

जानिए देवी के नौ रूप: देवी ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा ने 9 रूपों में दूसरा रूप है। पहला सोवमार को पूजा गया तथ दूसरा मंगलवार को पूजा जाएगा। इसलिए दूसरे दिन इनकी पूजा का विधान है।

यह रूप साधना, तपस्या और संयम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन किए पूजा से याचक को ज्ञान, तप और वैराग्य की प्राप्ति होती है और कार्यों में सफलता मिलती है।

जानें नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा सामग्री, पूजा विधि

मां ब्रह्मचारिणी पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनकर पूरे भाव से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने का संकल्प लें। इसके बाद मां बह्मचारिणी की तस्वीर स्थापित कर गंगाजल से स्नान कराएं, रोली, अक्षत, पुष्प अर्पित करें. इसके बाद फल, भोग आदि अर्पित कर धूप-दीप जलाए।

आरती करके पूजा का समापन करें.

मां ब्रह्मचारिणी पूजा शुभ मुहूर्त (Maa Brahmacharini Puja Muhurat)
नवरात्रि के दूसरे दिन यानी 23 सितंबर को पूजा के लिए सुबह 04:54 से 05:41 तक पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त रहेगा. इसके बाद दोपहर 12:08 से 12:56 तक अभिजित मुहूर्त रहेगा. शाम में 06:35 से 07:46 तक सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त है. आप इन मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं.

मां ब्रह्मचारिणी कथा Shardiya Navratri 2025 Day 2 Puja

पौराणिक कथाओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी पुत्री बनकर पर्वतराज हिमालय के घर में जन्म लिया था. वह भगवान शंकर को पति के रूप में पाना चाहती थीं और उन्होंने अपनी यह इच्छा नारद मुनि के सामने व्यक्त की. नारद जी ने उन्हें घोर तपस्या करने की सलाह दी.

 

नारद जी सलाह के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने कई 1000 वर्षों तक केवल फल व फूल खाकर तपस्या की. इसके अलावा उन्होंने 10 वर्षों तक जमीन पर बैठकर तप किया. अपने कठोर तप की वजह से उन्हें ब्रह्मचारिणी नाम दिया गया. मान्यता है कि कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रहकर तपस्या करने से देवता प्रसन्न हुए और मनोकामना पूर्ति का वरदान मिला.

मां ब्रह्मचारिणी को पूजा में चढ़ाएं ये चीजें (Maa Brahmacharini Bhog)
मां बह्मचारिणी को पूजा में उनकी प्रिय चीजें अर्पित कर पूजा करें, इससे मां बहुत प्रसन्न होंगी. मां को पूजा में चमेली का फूल चढ़ाएं और दूध से बनी चीजों का भोग लगाएं. मां को सफेद और पीला रंग प्रिय है. इसलिए संभव हो तो आप भी इन्हीं रंगों के कपड़े पहनकर पूजा करें.

मां ब्रह्मांचारिणी पूजा मंत्र (Maa Brahmacharini Puja Mantra)
ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:

ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी।
सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते|

या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

मां ब्रह्मचारिणी आरती (Maa Brahmacharini Aarti Lyrics)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।

ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।

ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।

जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।

कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।

उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।

रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।

आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।

ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।

भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी। Shardiya Navratri 2025 Day 2 Puja

 

 

 

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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