Solar Panel subsidy: अगर आप भी हर महीने के बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं और कुछ स्थायी समाधान की तलाश में हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. अब आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर खुद की बिजली बना सकते हैं. केंद्र सरकार की योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर 30% तक की सब्सिडी मिल रही है. यही नहीं नगर निगम की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स में भी ₹3000 तक की छूट दी जा रही है. यह योजना खासकर भोपाल जैसे स्मार्ट शहरों में तेज़ी से लागू की जा रही है. जिसे हाल ही में ‘सोलर सिटी’ के रूप में चुना गया है.Solar Panel subsidy
भोपाल बना देश का नया सोलर सिटी
भोपाल शहर को केंद्र सरकार ने सोलर सिटी मिशन के तहत चुना है. इस योजना का उद्देश्य यह है कि शहर की कुल बिजली खपत का कम से कम 10% हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जाए. वर्तमान में भोपाल में 4.5 मेगावॉट प्रतिदिन बिजली की खपत होती है. पहले चरण में योजना के तहत सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. जिसके बाद सामान्य नागरिकों और कॉलोनाइजर्स को भी इस दिशा में प्रेरित किया जा रहा है.Solar Panel subsidy
एक यूनिट बिजली उत्पादन के लिए खर्च मात्र ₹56,000
आप सोच रहे होंगे कि घर पर सोलर पैनल लगाना महंगा सौदा है. लेकिन अब ऐसा नहीं है. वर्तमान में प्रति घंटे एक यूनिट बिजली बनाने वाले सोलर प्लांट की लागत लगभग ₹80,000 आती है. सरकार की ओर से मिलने वाली 30% सब्सिडी यानी ₹24,000 की छूट के बाद यह लागत घटकर मात्र ₹56,000 रह जाती है.
इतने में आप रोज़ 4–5 यूनिट तक बिजली बना सकते हैं, जो एक सामान्य घर की ज़रूरत के लिए काफी है. खास बात ये है कि इस सोलर प्लांट को सिर्फ 150 वर्गफुट की जगह में आसानी से लगाया जा सकता है.
बड़ी छत वाले घरों के लिए पूरी बिजली मुफ्त जैसी होगी
अगर आपके घर की छत बड़ी है और आप पूरे 1000 वर्गफुट क्षेत्र को सोलर पैनल से ढकते हैं, तो आपकी पूरी घरेलू बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी हो सकती है. इसका मतलब है—न बिजली कटने की चिंता और न ही बढ़ते बिजली बिल की टेंशन. इसके साथ ही सोलर पैनल से बची हुई बिजली को ग्रिड में भेजकर कमाई भी की जा सकती है. जिससे आप महीने में कुछ सौ रुपये से लेकर हजारों रुपये तक कमा सकते हैं.
कॉलोनाइजर्स के लिए सोलर अनिवार्य, बिल्डिंग परमिशन में शर्त
नई बिल्डिंग प्लानिंग और परमिशन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. नगर निगम ने निर्देश दिए हैं कि कॉलोनाइजर्स यदि बड़े प्लॉट पर नई कॉलोनी या बिल्डिंग बना रहे हैं. तो उन्हें उसमें सोलर ऊर्जा का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा. बिना सोलर प्लानिंग के अब कॉलोनियों को बिल्डिंग परमिशन नहीं मिलेगी. इसका मकसद है कि शहर को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना.Solar Panel subsidy
नगर निगम देगा प्रॉपर्टी टैक्स में ₹3000 तक की छूट
भोपाल नगर निगम ने सोलर अपनाने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है. जो लोग अपने घरों में सोलर पैनल लगवाते हैं. उन्हें सालाना प्रॉपर्टी टैक्स में ₹3000 तक की छूट दी जाएगी. इसका मतलब है कि आप बिजली के साथ-साथ नगर निगम टैक्स में भी बड़ी बचत कर सकते हैं. यह छूट पंजीकृत और सब्सिडी प्राप्त सोलर सिस्टम पर ही लागू होगी.
पर्यावरण की सुरक्षा में भी सोलर की भूमिका अहम
सोलर एनर्जी न केवल आपकी जेब को राहत देती है. बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी वरदान है. इससे:
कार्बन उत्सर्जन कम होता है
बिजली की पारंपरिक मांग घटती है
कोयले और डीज़ल जैसे ईंधनों पर निर्भरता कम होती है
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलता है
भोपाल को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है, जिससे हर नागरिक को जुड़ना चाहिए.
कैसे लगवाएं सोलर पैनल? जानिए आसान प्रक्रिया
इंस्टॉलेशन के बाद सिस्टम को नेट मीटरिंग से जोड़ा जाता है. जिससे बिजली की अतिरिक्त यूनिट को ग्रिड में भेजा जा सकता है.
सबसे पहले MNRE या राज्य की अधिकृत सोलर कंपनी से संपर्क करें.
साइट विजिट और छत का निरीक्षण कराने के बाद उपयुक्त क्षमता वाला सोलर सिस्टम चुना जाएगा.
सब्सिडी की प्रक्रिया सरकारी पोर्टल पर आवेदन के जरिए पूरी होती है.Solar Panel subsidy

















