Rewari News: बिजली वितरण निगम के सर्कल कार्यालय में मंगलवार को आयोजित उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) की बैठक में एक चौंकाने वाला सामने आया। बिजली निगम के कर्मचारियों ने जांच के नाम पर उपभोक्ता के घर से मीटर हटा दिया। जब उपभोक्ता ने उच्च अधिकारियों को शिकायत की तो निगम कर्मचारियों ने सभी हदों को पार करते हुए उपभोक्ता पर ही बिजली चोरी का केस भी बना दिया।Rewari News
बैठक में आया मामला: अधीक्षण अभियंता पीके चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में खंभे बदलने, बिजली कनेक्शन, लाइन हटाने सहित 10 शिकायतें आईं। उनके साथ बैठक में रेवाड़ी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार, धारूहेड़ा डिवीजन के कार्यकारी अभियंता धर्मेंद्र रुहिल, सब अर्बन डिवीजन के कार्यकारी अभियंता ओमेंद्र कुमार व कोसली डिवीजन के कार्यकारी अभियंता अनीष कुमार मौजूद रहे।
जानिए क्या मामला: हाल मेंं रेवाड़ी में आयोजित सीजीआरएफ की बैठक में विजय नगर कालाेनी के रहने वाले बाबूलाल ने बताया कि वर्ष 2020 में बिजली बिजली निगम के जांच के लिए घर से उनका मीटर उतार लिया था। उस समय कर्मचारियों ने कहा कि निगम की तकनीकी टीम जांच के लिए आएगी और उस दिन आपको बुला लिया जाएगा। जब उसने मीटर लगाने की मांग की तो उन्होंने मीटर लगाने की बजाय सीधा तारों को जोड़ दिया।
चोरी का बनाया केस: आलम यहां तक कि पीडित ने परेशान होकर अधिकारियों तक मीटर लगाने की बार-बार शिकायत की तो ऐसा खेल खेला किसी को पता नहीं चला। निगम कर्मचारियों ने अपनी लापरवाही छुपाने के लिए उपभोक्ता का बिजली चोरी का केस बना दिया । अधीक्षण अभियंता ने शिकायत पर रिकार्ड की जांच कराकर शिकायत का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।

















