Alwar Bypass: सोहना पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास पर जलभराव को लेकर कई बार योजनाए बनी लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने पर भी समाधान नहीं हो पाया है। इतना ही नही भिवाड़ी में जलभराव समस्या के समाधान को लेकर तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अक्टूबर 2024 में करीब 355 करोड़ रुपये की लागत के साथ मंजूर की गई थी। लेकिन केवल कागजो में अभियान दोड रहा है। आज भी बिना बारिश पलवल हाईवे पर अथाह पानी खडा हुआ है।Alwar Bypass
योजना पर नजर Alwar Bypass
• कुल लागत 355 करोड़ रुपये
• अक्टूबर 2024 में डीपीआर को मिली मंजूरी
• परियोजना को तीन प्रमुख चरणों में पूरा करने की योजना
• 55 करोड़ रुपये रीको को देने थे
• शेष 305 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी थी
Alwar Bypass Project No 1: पहले चरण में औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने का प्रस्ताव था। इसके तहत 55 करोड़ रुपये रीको को दिए जाने थे, जबकि बाकी राशि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानी थी। इस चरण का मकसद रीको क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या को नियंत्रित करना था।
Alwar Bypass Project No 2: दूसरे प्रोजेक्ट में बायपास तिराहे से मसानी बैराज तक बरसाती पानी ले जाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए करीब छह किलोमीटर लंबी भूमिगत लाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रोजेक्ट पर अनुमानित लागत 150 से 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस लाइन के जरिए शहर के बड़े हिस्से का पानी सीधे मसानी बैराज तक पहुंचाया जा सकता था, जिससे मुख्य रिहायशी और औद्योगिक इलाकों को राहत मिलती।
Alwar Bypass Project No 3: तीसरे प्रोजेक्ट के तहत बायपास से पानी को पंपिंग के जरिए झिबाना बांध में छोड़े जाने की योजना थी। झिबाना बांध से निकलने वाला नाला थड़ा होते हुए साहबी नदी तक जाता है। यह नाला करीब छह किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था। इसके पूरा होने से निचले इलाकों में जमा पानी को तेजी से बाहर निकाला जा सकता था।
Project No 4: चौथे प्रोजेक्ट में ग्वाल्दा के पास बीडा की लगभग 60 हेक्टेयर भूमि में पानी छोड़े जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसकी दूरी करीब 21 किलोमीटर बताई गई थी। हालांकि इस योजना को लेकर तैयार की गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट अनुकूल नहीं पाई गई, जिसके चलते यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।
Alwar Bypass नहीं हुआ समाधान‘: कुल मिलाकर यह डीपीआर भिवाड़ी की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही थी, लेकिन विभिन्न तकनीकी और वित्तीय कारणों से सभी प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर उतरती नहीं दिखीं।केवल कागजो में अभियान दोड रहा है। आज भी बिना बारिश पलवल हाईवे पर अथाह पानी खडा हुआ है।Alwar Bypass

















