Haryana News: RRTS : दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–बावल सेमी हाईस्पीड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS परियोजना को मंजूरी दे दी है। दिल्ली से शाहजहांपुर-नीमराणा तक प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर केंद्रीय आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है। लंबे समय से प्रस्तावित इस कॉरिडोर को हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र में तेज रफ्तार और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी का रास्ता साफ हो गया है।
36 हजार करोड़ रुपये की लागत : करीब 164 किलोमीटर लंबे इस RRTS कॉरिडोर पर लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना दिल्ली, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगी। पहले चरण में नमो भारत ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के बावल तक संचालित की जाएगी। इस रूट के शुरू होने से रोजाना दिल्ली और एनसीआर में सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वर्तमान में इस मार्ग पर घंटों तक ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है।RRTS
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मेहनत: इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने में गुरुग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की भूमिका अहम मानी जा रही है। उन्होंने लगातार इस परियोजना की पैरवी करते हुए दिल्ली–गुरुग्राम और रेवाड़ी–बावल रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और समय के नुकसान का मुद्दा केंद्र सरकार के सामने रखा था। उनका तर्क था कि RRTS शुरू होने से न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि सड़क हादसों और ईंधन की खपत में भी कमी होगी। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।Haryana News
जानिए कहां कहां होगे स्टेशन: बता दें कि RRTS परियोजना के तहत प्रस्तावित स्टेशनों में सराय काले खां, जोर बाग, मुनिरका, एरोसिटी, उद्योग विहार, गुरुग्राम सेक्टर-17, राजीव चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, MBIR, रेवाड़ी, बावल और SNB शामिल हैं। इन स्टेशनों के जरिए दिल्ली और दक्षिण हरियाणा के बीच तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया जाएगा।
बढेगा निवेश: बता दे इस परियोजना के लागू होने से धारूहेड़ा और बावल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर यह मेगा प्रोजेक्ट दक्षिण हरियाणा के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने यह भी उल्लेख किया है कि दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस परियोजनाओं की घोषणा एक साथ की गई थी और इन्हें एनसीआरपीबी के प्लान में अधिसूचित किया गया था। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर लगभग पूरा होने वाला है, जबकि दिल्ली-पानीपत लाइन को पहले पानीपत तक ही मंजूरी थी, जिसे अब केंद्र सरकार ने करनाल तक बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। ऐसे में दिल्ली-अलवर कॉरिडोर को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाना तार्किक है।

















