Expressway 6 Lane: लोगों की किस्मत बदल देगा ये एक्सप्रेस वे, देखें कहां कहां से गुजरेगा 

On: June 6, 2025 10:24 PM
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Expressway 6 Lane This expressway will change the fate of people, see where it will pass through

Expressway 6 Lane: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारतमाला परियोजना Bharat Mala Road के तहत अब राजस्थान के चूरू जिले को भी बड़ी सौगात मिलने जा रही है. इस योजना के तहत बन रहे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे को अब चूरू से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

यह एक्सप्रेसवे पहले से ही राजस्थान के हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों से होकर गुजर रहा है. अब चूरू को शामिल कर इसे और अधिक मजबूत और व्यापक बनाया जा रहा है. Rajasthan News

एक्सप्रेसवे की लंबाई और राज्यों को जोड़ने का दायरा

अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 917 किलोमीटर है और यह सिक्स लेन यानी छह लेन वाला हाई स्पीड मार्ग है. यह सड़क हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे बड़े राज्यों को आपस में जोड़ेगा. इसका निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है और 2025 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस एक्सप्रेसवे के तैयार हो जाने से न केवल राज्यों की दूरी घटेगी. बल्कि विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी. Rajasthan News

चूरू जिले के लिए क्या है खास फायदा?

चूरू को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह जिला सीधे देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ जाएगा. खासकर व्यापार, परिवहन और पर्यटन के नजरिए से चूरू को बड़ा लाभ मिलेगा. चूरू को राजस्थान का “मरुस्थल का प्रवेश द्वार” माना जाता है. यहां से रेगिस्तानी इलाके शुरू होते हैं. ऐसे में इस जिले का संपर्क बढ़ना पूरे थली अंचल के लिए विकास का संकेत है.

ट्रांसपोर्ट और व्यापार को मिलेगा नया पंख

चूरू जिला कृषि उत्पादों, पशुपालन और हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है. लेकिन अभी तक यहां से उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने में समय और खर्च ज्यादा लगता था.

इस एक्सप्रेसवे से क्या क्या होगा फायदा ?

  1. लॉजिस्टिक खर्च घटेगा
  2. तेजी से माल भेजा जा सकेगा
  3. नई ट्रांसपोर्ट कंपनियां निवेश करेंगी
  4. स्थानीय कारोबारियों को देश के अन्य राज्यों से सीधा जुड़ाव मिलेगा
  5. इससे चूरू का व्यापारिक नक्शा पूरी तरह बदल सकता है.
  6. पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
  7. पर्यटकों को चूरू पहुंचने में कम समय और सुविधा मिलेगी
  8. स्थानीय होटल और गेस्ट हाउस का व्यवसाय बढ़ेगा
  9. पर्यटन आधारित रोजगार में वृद्धि होगी
  10. सरकार द्वारा नए टूरिज्म सर्किट बनाए जा सकते हैं

650 किलोमीटर रेगिस्तान को जोड़ेगा यह एक्सप्रेसवे

एक्सप्रेसवे का सबसे खास हिस्सा यह है कि इसका लगभग 650 किलोमीटर का हिस्सा थार के रेगिस्तान से होकर गुजरता है. यानी बीकानेर, बाड़मेर, जालौर जैसे सूखे इलाकों को यह हाईवे देश के विकसित हिस्सों से जोड़ेगा. इससे रेगिस्तान के गांवों और कस्बों को भी मुख्यधारा में लाया जा सकेगा.

राजेंद्र राठौड़ ने बताया ऐतिहासिक अवसर

इस विषय पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे का चूरू से जुड़ना इस क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं. बल्कि यह राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों को नए भारत से जोड़ने का जरिया बनेगा.

 

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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