गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से नागरिक सुरक्षा नियम 1968 की धारा 19 के तहत 31 मई को सायं 5 बजे से द्वितीय नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत ऑपरेशन शील्ड आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सिविल डिफेंस एक्सरसाइज का उद्देश्य आपात स्थिति में तैयारी और रिस्पॉन्स को बेहतर बनाना है।
उपायुक्त मनदीप कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन शील्ड के दौरान रात 8 बजे से लेकर 8.15 बजे तक ब्लैकआउट का अभ्यास भी किया जाएगा जिसमें जिलावासी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ब्लैक आउट अभ्यास में अपेक्षित सहयोग दें। साथ ही ऑपरेशन शील्ड के दौरान सायरन की सक्रियता की जांच सहित अन्य विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने जिला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यह एक पूर्व नियोजित मॉक ड्रिल है, जिसका उद्देश्य किसी आपातकालीन परिस्थिति में नागरिकों की तैयारियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली का परीक्षण करना है। उन्होनें नागरिकों से अपील की कि वे इस अभ्यास से घबराएं नहीं और इसे गंभीरता से लेते हुए पूरी सजगता और सहयोग के साथ शामिल हों।उन्होंने नागरिको से अपील की है कि वे शांत रहें, घबराएं नहीं, घर व दुकान की सभी लाइटें, इंवर्टर आदि बंद कर दें ताकि प्रकाश बाहर न दिखे तथा एयर रेड सायरन बजने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें, केवल प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, मोबाइल या टीवी पर सरकारी अलर्ट सुनते रहें। किसी भी आपतकालीन स्थिति में सुरक्षित ठहराव स्थल का चयन करें मजबूत, बिना खिडक़ी वाला कमरा चुनें, खिड़कियों पर मोटे काले कपड़े लगाएं, शीशों व खिड़कियों से दूर रहें और यदि आवश्यक हो तो जमीन पर लेट जाएं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान आवश्यक वस्तुएं जैसे पीने का पानी (कम से कम 3 दिन का), सूखा भोजन (बिस्कुट, ड्राई फ्रूट्स, चना आदि), टॉर्च और अतिरिक्त सेल व बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा किट, जरूरी दस्तावेज (पहचान पत्र, मेडिकल रिपोर्ट आदि) तथा बैटरी वाला छोटा रेडियो तैयार रखे। आपके आसपास बजने वाले सायरन की पहचान करें, 2 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज (उदात-चढ़ाव वाली) तथा 2 मिनट तक एक समान (लगातार) आवाज खतरा समाप्ति का संकेत।
नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रशासन का इस दौरान पूर्ण रूप से सहयोग करें, ट्रैफिक नियमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों व पुलिस के निर्देशों का पालन करें। छतों पर लगी सभी सोलर लाइटों और पैनलों को काले कपड़ों से ढक दें। नागरिक किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112, 1077 व 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

















