Success Story: यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में किस्मत आजमाते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिल पाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के छोटे से गांव हररायपुर से निकलकर महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी बनने वाले नूरूल हसन की, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन हालात के बावजूद अपने सपनों को साकार किया।Success Story
सरकारी स्कूल से पढ़ाई: नूरूल हसन का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता खेती करके किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सुविधाओं का अभाव हमेशा बना रहा। नूरूल ने गांव के ही सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू की, जहां बुनियादी सुविधाओं की भी कमी थी। बारिश के दिनों में स्कूल की छत टपकती थी और बच्चों को बैठने के लिए घर से कपड़ा लाना पड़ता था। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद नूरूल ने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।Success Story
उन्होंने गुरुनानक हायर सेकेंडरी स्कूल से दसवीं की परीक्षा दी और 67 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल में टॉप किया। यह उपलब्धि उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई भी पूरी लगन से की। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ छोटे-मोटे काम भी करने पड़े, ताकि घर का खर्च चल सके। हालांकि मुश्किलों के बीच भी उनका लक्ष्य साफ था—देश की सेवा करना।
सेल्फ स्टडी बना हथियार: कॉलेज के दौरान ही नूरूल हसन ने यूपीएससी की तैयारी करने का मन बना लिया। सीमित संसाधनों के चलते कोचिंग लेना उनके लिए आसान नहीं था, इसलिए उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपना हथियार बनाया। किताबें जुटाना, नोट्स बनाना और समय का सही प्रबंधन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया। कई बार असफलताएं भी मिलीं, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों को पहचाना और दोबारा तैयारी में जुट गए।
लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा: लगातार मेहनत और धैर्य का ही नतीजा रहा कि नूरूल हसन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और आईपीएस अधिकारी बने। उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला, जहां वे आज एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नूरूल हसन की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादे, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

















