Maha Kumbh Mela 2025: इस दिन बंद होगा महाकुंभ मेला, फटाफट करें अमृत स्नान, नहीं तो होगा पछतावा

On: February 14, 2025 7:35 AM
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Maha Kumbh Mela 2025: 144 साल मे आयोजित हो रहे प्रयागराज महाकुभ में उमडी भीड में इस बार सारे रिकोर्ड तोड दिए है। 13 जनवरी को शुरू हुआ मेला फरवरी माह में बंद होने वाला है।

जानिए कब है अंतिम स्नान: बता दे कि इस बार फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का शुभ आरंभ 26 फरवरी को 11.08 बजे होगा । इसी के चलते महाकुंभ मेले का समापन अगले दिन 27 फरवरी को सुबह 08.54 पर होगा।

पंडितो ने बताया कि भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में किए जाने का विधान है। इसलिए 26 फरवरी की शाम को रात्रि के 4 पहर शिवलिंग की पूजा करने से अमोघ फलों की प्राप्ति होगी। इसे सबसे बडा पुण्य माना जाता हैं Maha Kumbh Mela 2025

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बता दे कि महाकुंभ मेला जो हर 12 वर्ष में एक बार होता है। लेकिन इस बार 144 सालो मे आयोजित महाकुंभ ज्यादा ही खास बना हुआ है। इंडिया की विदेशो से लोग स्नान करने पहुंच रहे है। बता दे कि भारत के 4 प्रमुख तीर्थ स्थलों इलाहाबाद (प्रयागराज), हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में मेला भरता है।Maha Kumbh Mela 2025

 

60 करोड कर चुके है स्नान: मेला समिति के अनुसार 13 जनवरी 2025 को प्रयागराज में मेला शुरू हुआ था। महाकुंभ में संगम तट पर अब तक लगभग 60 करोड़ लोगों स्नान कर चुके है। जबकि महाकुंभ 2025 का आखिरी स्नान 26 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा। ऐसे उम्मीद है यह आंकडा 70 करोड पार कर सकता है।

 

साल 2025 में महाकुंभ का समापन 26 फ़रवरी को महाशिवरात्रि के दिन होगा.
 इस दिन का स्नान बहुत फलदायी माना जाता है. 

महाकुंभ 2025 में अमृत स्नान की तारीखें:
  • पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन था. 
  • दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन था. 
  • तीसरा और आखिरी अमृत स्नान 3 फ़रवरी को बसंत पंचमी के दिन था. 
महाकुंभ में शाही स्नान की भी मान्यता है. भक्त शाही स्नान के विशेष अवसर पर भी डुबकी लगाते हैं. महाकुंभ 2025 में शाही स्नान की तारीखें: 

  • पहला शाही स्नान पौष पूर्णिमा पर था.
  • दूसरा शाही स्नान मकर संक्रांति (14 जनवरी 2025) 
  • तीसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या (29 जनवरी 2025) 
  • चौथा शाही स्नान माघ पूर्णिमा (12 फ़रवरी 2025) 

जानिए क्यों है खास: बता दे कि महाकुंभ और महाशिवरात्रि का गहरा संबंध है इसी के चलते महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। भगवान शिव की पूजा और व्रत रखने तथ पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य मिलता है।Maha Kumbh Mela 2025

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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