Haryana: हरियाणा के इन गांवों में नहीं खुलेंगे शराब ठेके, जाने इसकी बड़ी वजह ?

On: July 4, 2025 11:49 AM
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Liquor shops will not open in these villages of Haryana

Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में नए शराब ठेके खोले दिए गये हैं। वहीं अभी भी कई जगह पर ठेके खोलने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के रेवाड़ी जिले में पंचायतों द्वारा शराबबंदी के प्रस्तावों पर आबकारी विभाग के नियमों ने अड़चनें डाली हैं।

जिला के अंदर 29 पंचायतों में से केवल 13 के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। नियमानुसार गांव में अवैध शराब का एक भी मामला मिलने पर शराबबंदी नहीं हो सकती। 2025-26 के लिए 14 गांवों में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हरियाणा पंचायतीराज एक्‍ट ग्राम सभा को शराब बिक्री पर प्रतिबंध का अधिकार देता है।

आपको बता दें कि गांव में ग्राम पंचायतें यदि 31 दिसंबर तक सरकार को लिखित रूप में सूचना दें कि उनके गांव में शराबबंदी की जाए, तो वहां शराब की दुकान के लिए टेंडर नहीं किया जाता है।

इसके बाद ग्राम पंचायतों को ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कराकर बीडीपीओ के माध्यम से प्रस्ताव आबकारी विभाग को भेजना होता है। इसके बाद पंचकूला मुख्यालय गांव मुखिया यानि सरपंच की राय जानने के लिए उन्हें बुलाता है और फिर विभाग यह तय करता है कि ठेका खुलेगा या नहीं।

यह नियम बने अड़चन

शराब ठेके बंद करवाने के लिए बड़ी परेशानी यह है कि पंचायतें चाहकर भी शराब के ठेके बंद नहीं करवा पा रही हैं। गांव में ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव देने के बाद भी अफसरशाही उन पर मुहर नहीं लगाती। असल में अड़चन आबकारी विभाग के बनाए गए नियमों से खड़ी हो रही है।

आपको बता दें कि नियमों के अनुसार यदि किसी गांव में एक बार भी अवैध शराब पकड़ी गई हो, तो वहां शराब ठेका बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, चाहे वह मामला कितना भी मामूली क्यों न हो।

आबकारी नियम यह कहता है कि अगर किसी गांव के अंदर एक भी बार अवैध शराब पकड़ी गई, तो वहां ठेका बंद नहीं होगा। इसी के साथ ही जिस पंचायत में ठेका बंद होगा, वह भी केवल एक वर्ष के लिए बंद रहेगा।

लागू होगी शराबबंदी

आपको बता दें रेवाड़ी जिला के अंदर वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 14 गांवों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें बाबडोली, भाड़ावास, करनावास, पावटी, नंगलिया रणमौख, नैनसुखपुरा, मुरलीपुर, गुर्जर माजरी, भटसाना, बेरली खुर्द, जखाला और प्राणपुरा गांव शामिल हैं।

यहां शराब की कोई दुकान नहीं खोली जाएगी और न ही शराब बेची जाएगी। वहीं जिन पंचायतों के प्रस्ताव खारिज कर दिए गए उनमें मालाहेड़ा, बिहारीपुर, असदपुर, मांढैया खुर्द, ततारपुर इस्तमुरार, कतोटपुर बुजुर्ग, नेहरूगढ़, किशनपुर, कृष्णनगर, जाहिदपुर, भूरथला, माजरी दुदा और आराम नगर कनूका जैसे गांव शामिल हैं।

शराबबंदी का अधिकार

आपको बता दें कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 31 में आवश्यक संशोधन कर गांव के अंदर ग्राम सभा को अपने क्षेत्र में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए ग्राम सभा को निर्धारित वक्त अवधि में प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजना होता है। इसी के साथ ही अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ भी पुलिस में मामला दर्ज करने का प्रावधान है।

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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