Breaking News: साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह ग्रहण खगोलीय दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान आकाश में रिंग ऑफ फायर जैसा दृश्य दिखाई देगा। ऐसी स्थिति तब बनती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, लेकिन सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। इसके कारण सूर्य के चारों ओर प्रकाश का चमकदार घेरा नजर आता है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
भारत में दिखाई देगा या नही: बता दे कि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके आंशिक चरण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों और समुद्री क्षेत्रों में देखे जा सकेंगे। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं रहेगा।Breaking News
आम लोग इस दिन अपने दैनिक कार्य और भोजन सामान्य रूप से कर सकेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह विशेष फलदायी माना जा रहा है।
नौकरी में प्रगति के योग : मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य 11वें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे आय और सामाजिक दायरे में वृद्धि के संकेत हैं। संतान और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं, हालांकि आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी। वृषभ राशि के लिए सूर्य 10वें भाव में प्रभाव डालेगा, जिससे करियर और नौकरी में प्रगति के योग बन सकते हैं।
पारिवारिक जीवन में संतुलन बेहतर होगा: इस दौरान गोपनीय बातों को साझा करने से बचना और माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक रहेगा। मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य 9वें भाव में रहेगा, जिससे भाग्य का साथ मिल सकता है। नौकरी और पारिवारिक जीवन में संतुलन बेहतर होगा तथा कई कार्यों में सफलता के संकेत मिल रहे हैं।

















