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IAS Srishti Mishra Success Story: 22 साल की उम्र में दूसरे प्रयास में क्रेक की UPSC

On: November 6, 2025 6:48 PM
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22 साल की उम्र में दूसरे प्रयास में क्रेक की

UPSC Srishti Mishra Success Story: फरीदाबाद के सेक्टर 88 अमोलिक सोसाइटी में रहने वाली सृष्टि मिश्रा यूपीएससी परीक्षा में 95वी रैंक हासिल कर कामयाबी की नई कहानी लिखी है. सृष्टि की अधिकतर पढ़ाई देश से बाहर ही हुई है. 2018 में वह भारत लौटीं और सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की. अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने सफलता अर्जित कर ली. IAS Srishti Mishra Success Story

 

 

सृष्टि ने कहा कि उनके परिवार का यह सपना था कि बेटी आईएएस-आईपीएस अधिकारी बन कर देश और आम आदमी की सेवा करे। रोज आठ से दस घंटे तक पढ़ाई करने वालीं सृष्टि को पिता से ही प्रेरणा मिली। UPSC Srishti Mishra Success Story

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सृष्टि के पिता आदर्श कुमार मिश्रा भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं और ब्राजील में नियुक्त हैं। मूलरूप में यूपी के जौनपुर की निवासी सृष्टि यहां ग्रेटर फरीदाबाद में अमोलिक सोसाइटी में अपनी मौसी सुनीता पांडेय के साथ रहती हैं। यहीं रह कर उन्होंने पहले स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।IAS Srishti Mishra Success Story

भारत में यूपीएससी क्रैक करने का सपना तो लाखों उम्मीदवार देखते हैं लेकिन अपनी मेहनत और लगन के दम पर इस सपने को साकार सिर्फ मुट्ठी भर लोग ही कर पाते हैं. आज हम आपको ऐसी लड़की की कहानी सुनाने जा रहे हैं जिन्होंने विदेश में पढ़ाई की और भारत लौटकर अपने दूसरे प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा पास कर 95वीं रैंक हासिल कर ली.

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तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी सृष्टि पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी क्लीयर नहीं कर पाईं थी। लेकिन, हिम्मत हारने के बजाय अगले ही दिन से दूसरे प्रयास की कड़ी तैयारी में जुट गईं।

सृष्टि के अनुसार जब वह पढ़ते हुए थक जाती थी तो खुद को आराम देने और तरोताजा होने के लिए नावल पढ़ती थीं और क्लासिकल डांस करती थीं।

 

 

अपने पिता के मार्गदर्शन में सृष्टि ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. वह अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए रोज़ाना 8-10 घंटे पढ़ाई करती थीं. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 95वीं रैंक के साथ यह कठिन परीक्षा पास कर ली.

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सृष्टि ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद के साथ-साथ अपनी तीन मौसियों सुनीता पांडेय, अनीता मिश्रा व सोनी त्रिपाठी, मौसेरे भाई उपेन्द्र पांडेय व मौसी के परिवार के अन्य सदस्यों को दिया।

 

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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