हरियाणा: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बडा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने के बावजूद यदि किसी उम्मीदवार को एक साल के भीतर सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तो सरकार ऐसे युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस योजना के तहत पात्र उम्मीदवारों को दो वर्षों तक हर महीने 9 हजार रुपये दिए जाएंगे। CET
घर बैठे मिलेगा वेतन: हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि कई युवा CET पास करने के बाद भी लंबी चयन प्रक्रिया और सीमित पदों के कारण नौकरी से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य उम्मीदवार सिर्फ आर्थिक तंगी के कारण अपनी तैयारी न छोड़ें। CET
पास आउट को तोहफा: यह सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी तरह की परेशानी न हो। यह योजना उन युवाओं पर लागू होगी, जिन्होंने CET परीक्षा पास कर ली है और चयन प्रक्रिया में शामिल होने के बावजूद एक वर्ष के भीतर किसी भी सरकारी पद पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। यह फैसला न केवल आर्थिक सहारा देगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर भरोसा भी मजबूत करेगा।
सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहयोग से युवा आगे की परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। साथ ही इससे बेरोजगारी के कारण उत्पन्न तनाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। बता दे कि हरियाणा में ग्रुप सी और ग्रुप डी के सरकारी पदों पर भर्ती के लिए CET अनिवार्य परीक्षा है, जिसे हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है। CET को सरकारी भर्तियों की पहली सीढ़ी माना जाता है।
हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा इस परीक्षा को पास करते हैं, लेकिन सभी को तुरंत नौकरी मिल पाना संभव नहीं हो पाता। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नई पहल शुरू की है।मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद प्रदेशभर के युवाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।

















