हरियाणा: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र जारी है। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन विधेयक पेश किए गए।
विधेयक एक: हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन (संशोधन) विधेयक-2023, हरियाणा पिछड़े वर्ग (सेवाओं तथा शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण) संशोधन विधेयक- 2023 और हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2023 शामिल हैं। रेवाड़ी में विश्वमित्र, कोसली में गजेंद्र व बावल में प्रवीण बने बार एसोसिएशन का प्रधान

विधेयक दो: हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम के तहत झज्जर में संस्कारम विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इससे पहले राज्य में 25 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हैं। इसके अलावा तीसरा बिल हरियाणा पिछड़े वर्ग के तहत सात जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल किया गया है। इस बारे में मंत्रिपरिषद ने पहले ही मंजूरी दे दी थी।
विधेयक तीन: बकाया देय व्यवस्थापन के तहत 31 मार्च 2017 अवधि तक आबकारी व कराधान विभाग के विभिन्न कानूनों के तहत बकाया राशि वसूल की जानी थी। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही की अवधि इस अधिनियम और योजना के दायरे में छूट गई थी। अब सरकार ने 30 जून 2017 की शेष अवधि को भी इस अधिनियम के तहत लाने का निर्णय लिया है। इसलिए अब अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने किए 2 बड़े ऐलान, रेवाड़ी और जींद वासियों की बल्ले बल्ले
इस बिल पर आज होगी बहस: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मृत शरीर सम्मान विधेयक 2023 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा में पेश होते ही विधेयक राज्य के 90 विधायकों की प्रॉपर्टी हो जाता है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक चर्चा करेंगे।

















