हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान से 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक मजबूती, बढ़ती आय और संतुलित विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत गुरु नानक देव जी के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए की, जिससे सामाजिक समरसता और श्रम की गरिमा का संदेश दिया गया।
प्रशासनिक विस्तार और किसानों के लिए नई पहल
सरकार ने हांसी को हरियाणा का 23वां जिला बनाने की घोषणा कर प्रशासनिक पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रस्ताव है कि इसे आधुनिक मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जाए, जहां डिजिटल सेवाएं, शहरी सुविधाएं और निवेश के नए अवसर उपलब्ध हों।
कृषि क्षेत्र को सशक्त करने के लिए “हरियाणा एग्री डिस्कॉम” नामक नई बिजली कंपनी गठित की जाएगी। इससे हजारों कृषि फीडरों और लाखों किसानों को नियमित व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्यूबवेल कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही यमुना नदी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए उच्चस्तरीय मिशन के गठन की घोषणा की गई है।
महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और उद्योग को बढ़ावा
बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। राज्य में 2000 नए वीटा बूथ खोले जाएंगे, जिनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। “हर नारी, स्वस्थ नारी” पहल के तहत जिला व उप-जिला अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा किशोरियों के लिए बड़े पैमाने पर एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाने की योजना है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभिन्न पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन हेतु 500 करोड़ रुपये का विशेष “सक्षम” फंड बनाया जाएगा। रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रति कर्मचारी सब्सिडी बढ़ाने और अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की भी घोषणा की गई है।
कुल मिलाकर यह बजट हरियाणा को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने, ग्रामीण-शहरी संतुलन स्थापित करने और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है।

















