कुरुक्षेत्र जिले में हरियाणा और पंजाब बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। इस संबंध में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल पांच मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें तीन केंद्र कुरुक्षेत्र शहर में और एक-एक केंद्र शाहाबाद तथा पिहोवा में बनाए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह है कि सभी मतदाता आसानी से और सुविधाजनक तरीके से मतदान कर सकें। इसके लिए मतदान केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जैसे कि पर्याप्त जगह, कुशल कर्मचारी, मतदाता सूची और मतदान की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले सुरक्षा उपाय। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर सभी उपकरण और संसाधन समय से पहले तैयार हो जाएं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न आए।
मतदान के लिए प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मतदान केंद्रों में शारीरिक दूरी और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। उपायुक्त ने बार एसोसिएशन कार्यालय और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया और वहां पर मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की पूरी समीक्षा की। इस अवसर पर निर्वाचन तहसीलदार संदीप और मास्टर ट्रेनर सुनील मराठा भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
मतदाताओं की संख्या के अनुसार मतदान केंद्रों की योजना बनाई गई है। कुरुक्षेत्र में कुल 2277 मतदाताओं के लिए तीन केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पिहोवा में 138 और शाहाबाद में 131 मतदाताओं के लिए एक-एक मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी मतदाता आरामदायक और व्यवस्थित ढंग से अपने मत का प्रयोग कर सकें।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि मतदान सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा।
प्रशासन ने मतदान की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या को तुरंत हल करने के लिए टीम तैयार रहे।
जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दौरान सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अपने मतदान का अधिकार पूरी जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करें। इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान सभी मतदाता सुविधाओं से लाभान्वित हों और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कुल मिलाकर, 18 मार्च का दिन कुरुक्षेत्र जिले में बार काउंसिल के चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रशासन और बार एसोसिएशन दोनों मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं कि मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। इससे न केवल मतदाताओं को सुविधा होगी, बल्कि चुनाव की प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी।

















