हरियाणा: हरियाणा सरकार ने “हरियाणा किराए पर सरकारी संपत्ति निपटान नीति” अधिसूचित करते हुए आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले शहरी निकाय विभाग द्वारा 1 जून 2021 को पॉलिसी लॉन्च हो चुकी है।Parkash Singh Badal: पंजाब में पांच बार CM रहे प्रकाश सिंह बादल का निधन, 95 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
कई बार ऐसा होता है कि कोई किराएदार एक जगह पर रहते हुए उसे काफी समय हो जाता है और उस के बाद सरकार वहां से उसे खाली करने के आदेश देती है जो उनके लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किल होता है। लोग अचानक बेघर हो जाते हैं

अब मिलेगा मालिकाना हक: हरियाणा मे अब बडी पहल की जा रही है। हरियाणा में शहरी निकाय की तर्ज पर अन्य सरकारी विभागों की जमीन मकान और दुकानों पर 20 साल से अधिक समय से काबिज किरायेदारों और पत्तेदारो को 100 वर्ग गज तक की संपत्ति पर मालिकाना हक दिया जाएगा।
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इस नीति में वह संपत्तियां शामिल होंगे जिसका स्वामित्व या प्रबंधन किसी सरकार संस्था द्वारा किया जाता है। ऐसी संपत्तियों के मामले में जिसने सरकारी संस्थाएं वार्षिक कलेक्ट्रेट मूल्य का 8% और इससे अधिक का किराया या पट्टा प्राप्त किया है। तो सक्षम प्राधिकारी को संपत्ति को बेचने की अनुमति नहीं है।
इतनी चुकानी होगी राशि: 1 जून 2001 से पहले बोर्ड निगमों, सरकारी कंपनियों व विभागों की भू संपत्ति को किराया पट्टे पर लेने वाले किराएदार मालिकाना हक के लिए 3 महीने में आवेदन कर सकते हैं। मालिकाना हक के लिए अलार्म को सर्किल रेट की 50 से 80% तक राशि चुकानी होगी।
















