ग्रेटर नोएडा में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार होता नजर आ रहा है। लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (DGCA) ने एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ ही एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो उड़ानों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि बहुत जल्द यहां से पहली उड़ान भरते हुए दिखाई देगी।
इस लाइसेंस के बिना किसी भी एयरपोर्ट से नियमित विमान सेवाएं शुरू नहीं की जा सकतीं। DGCA द्वारा यह अनुमति मिलने के बाद अब एयरलाइंस कंपनियों के साथ औपचारिक प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी और उड़ानों की समय सारिणी तय की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण
सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की जांच के बाद बीसीएएस ने सिक्योरिटी वैटिंग क्लियरेंस जारी किया। खास बात यह है कि बीसीएएस की मंजूरी मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिसे एयरपोर्ट प्रबंधन की तैयारियों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में घरेलू और कार्गो उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी शुरुआत की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए एयरपोर्ट पर जरूरी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत से यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा एविएशन हब बन सकता है।
इस बीच एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार इस महीने के अंत तक प्रधानमंत्री के हाथों एयरपोर्ट का उद्घाटन कराने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार और यमुना प्राधिकरण के अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क में हैं और संभावित तारीख तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद
एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को यात्रा के लिए एक नया और आधुनिक विकल्प भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट भविष्य में देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है। आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े स्तर की क्षमता के कारण यह भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

















