Alwar By Pass: सोहना-पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास पर बने रैंप को लेकर चल रहा विवाद और गहराता जा रहा है। रविवार को भिवाड़ी सर्व समाज की ओर से अलवर बाइपास पर महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि 11 सदस्यों की कमेटी मंगलवार को उपायुक्त रेवाड़ी से मुलाकात करेगी और इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।Alwar By Pass
महापंचायत के दौरान दोनों ओर से भारी भीड़ मौजूद रही—एक ओर भिवाड़ी और दूसरी ओर धारूहेड़ा के लोग खड़े रहे। संभावित टकराव को देखते हुए रेवाड़ी एसडीएम सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने अलवर बाइपास क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया। मौके पर डीएसपी डॉ. रविंद्र, धारूहेड़ा थाना प्रभारी जगदीश, सेक्टर-6 थाना प्रभारी संजय, और नायब तहसीलदार नेहा यादव सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

विवाद की जड़ में है प्रदूषित काला पानी
यह रैंप हरियाणा प्रशासन द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व इस उद्देश्य से बनाया गया था कि भिवाड़ी की फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला पानी हरियाणा क्षेत्र में न बह सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पानी न केवल पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहा है। चार दिन पहले रेवाड़ी प्रशासन की ओर से रैंप का एक हिस्सा तोड़ दिया गया था, जिसे अब धारूहेड़ा की स्थानीय टीम ने फिर से ठीक करवा दिया है।
राजनीतिक बयानबाजी के बाद बढ़ा मामला
यह मामला तब और गर्माया जब 15 जून को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रेवाड़ी में आयोजित एक रैली में सीएम नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ को रैंप मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। इसके बाद से ही यह विवाद चर्चा का विषय बन गया। बाबा बालकनाथ पहले भी इस रैंप को तोड़ने की कोशिश कर चुके हैं।

बॉर्डर बना छावनी, भीड़ पर नजर
पिछले छह दिनों से हरियाणा पुलिस की टीमें बॉर्डर पर तैनात हैं। रविवार को अतिरिक्त बल भी बुलाया गया। सुरक्षा के चलते सेक्टर-6 और 4 के मोड़ पर भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए के प्रधान नरेंद्र यादव ने कहा कि जब तक काले पानी का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक रैंप नहीं तोड़ने देंगे। फिलहाल बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर जांच की जा रही है।
कमेटी को मिला डीसी से समय
रविवार को भिवाड़ी सर्व समाज की 11 सदस्यीय कमेटी ने एसडीएम से मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें मंगलवार को उपायुक्त रेवाड़ी से मिलने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद अगली कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक सतर्कता के चलते अभी तक हालात नियंत्रण में हैं। अब सबकी निगाहें मंगलवार की बैठक और उसके बाद लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

















