हरियाणा: तेजी से बढ रहे पराली जलाने के केसो को लेकर डीजीपी की चेतावनी भी काम नहीं आई। धडल्ले से पराली जलाई जा रही है। दिवाली के पास प्रदूषण जाने लेना होने के बाजूवद कार्रवाई केवल कागजों में चल रही है।कपिल शर्मा ने छोड़ा टीवी का साथ, परिवार वही पुराना, जानिए अब क्या होगा नया ठिकाना ?
कहां गए आदेश: हरियाणा में पराली जलाने वाले किसानों की अब खैर नहीं है। जिस गांव के किसान पराली जाएगी तो उसी थाने की ओर से कार्रवाई की जाएगी! इतना ही नहीं पराली जलाते ही अगर कार्रवाई नहीं हो तो थाना प्रभारी पर गाज गिरेगी। ये सब आदेश हवाई हो रहे है।

एनजीटी के निर्देशों द्वारा प्रशासन द्वारा वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के बाद भी जहां खेतों में पराली व फसल अवशेष जलाए जा रहे हैं, वहीं घास-फूस में भी आग लगने के गुब्बारे खेतों में देखे जा सकते हैं।रेवाड़ी सहित पूरे हरियाणा में रोडवेज का चक्का जाम ?
बता दें कि एनजीटी के निर्देशों पर जहां क्रशर व माइनिंग को आगामी आदेशों तक बंद किया गया है। वहीं पराली, फसल अवशेष के जलाने पर भी प्रतिबंध किया गया है। इसके बावजूद किसानों द्वारा पराली व फसल अवशेष जलाए जा रहे हैं।रेवाड़ी सहित पूरे हरियाणा में रोडवेज का चक्का जाम ?
सोपी थी जिम्मेदारी: हरियाणा में कहीं भी पराली जलाने का मामला सामने आता है तो उसी थाने की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों और आईजी को पत्र लिखकर आदेश दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण में बढ़ता प्रदूषण का स्तर हम सभी के लिए चिंता का विषय है। दीपावली पर पटाखों से वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है और अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ जाती हैं।Rewari News: हरियाणा पुलिस आपरेशन मुस्कान: बच्ची को ढूंढ परिजनों को सौपी ‘मुस्कान’
वे सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में पराली न जलाई जाए। हरियाणा में कहीं भी पराली जलाने का मामला सामने आता है तो संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिम्मेदारी देने के बावजूद पराली जलान को काम नही थम रहा है।
घातक है पटाखों की गैस: पटाखों से हानिकारक विषैली गैस निकलती हैं जिनका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और यह प्रभाव लंबे समय तक रहता है। पटाखों व आतिशबाजी से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा श्वास संबंधी रोगियों के स्वास्थय
















