हरियाणा : हरियाणा में मनोहर लाल सीएम ने सरपंचो का अपाहिज बना दिया है। जब से नई पंचायतें बनी हैं, तभी से पंचायतों और सरपंचों के अधिकारों पर लगातार चोट की जा रही है।Haryana: 30 हजार रिश्वत के साथ मार्केट कमेटी में ऑक्शन रिकॉर्डर काबू
पहले ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकाल को लागू किया गया। अब पंचायती ग्रांट वितरण में विधायकों की एंट्री करवाने के बाद जले पर नमक छिड़कने का काम किया। सरकार ने पंचायतों पर विश्वास न कर विधायकों पर विश्वास किया है।
अलेवा ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की बैठक गुरुवार को चेयरमैन राममेहर बधाना की अध्यक्षता में हुई। इसका संचालन एसोसिएशन की प्रधान मिनाक्षी डाहौला ने किया। बैठक मे कहा कि जब पावर ही सरपंचो के पास नही है तो प्रधान किस बात के है। सरपंच के अधिकारो को हर दिन हनन किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि गांव के विकास के बारे में ग्रामीण और सरपंच ही जानते हैं, इसलिए इनके पास ही पावर होनी चाहिए। अगर विधायको से ही कार्य करना है तो सरपंचो के चुनाव ही क्यो करवाए गए।NCR Crime: सब इंस्पेक्टर का लैपटॉप व पर्स चोरी
गुस्साए सरपंचो ने मोहर तथा कार्यवाही पुस्तिका को बीडीपीओ को सौंपी: ग्राम पंचायत कटवाल, पेगां, चुहड़पुर, बधाना, संडील, डाहौला, बिघाना, शामदो, खेड़ी बुल्लां, नगूरां, दुड़ाना, हसनपुर आदि पंचायतों ने भी अपनी मोहर एसोसिएशन के पैड पर मारकर समर्थन दिया और कार्रवाई रजिस्टर, मोहर को बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाया।
















