Haryana: कसार गांव के पास Sector-4B में बन रहे 100 बेड वाले ESI Hospital की बिल्डिंग फरवरी 2026 तक पूरी होने की संभावना है। हालांकि, हैंडओवर के बाद अस्पताल में इलाज चालू होने में कुछ महीने और लगेंगे। लंबे समय से कर्मचारियों और बीमित परिवारों को इसका इंतजार था। इस अस्पताल के चालू होने से बहादुरगढ़ में रहने वाले एक लाख से अधिक बीमित परिवारों को स्थानीय इलाज की सुविधा मिलेगी और उन्हें दिल्ली या अन्य शहरों में भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
अभी बहादुरगढ़ में ESI के अंतर्गत केवल तीन डिस्पेंसरी ही संचालित हैं। जबकि ESI Hospital की सुविधा फिलहाल दिल्ली के बसई दारापुर में उपलब्ध है। इसके कारण बहादुरगढ़ के Civil Hospital पर ESI में बीमित परिवारों के इलाज का बोझ बढ़ जाता है। निर्माण एजेंसी के साइट इंजीनियर अभिषेक और राजकिशोर शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इसके बाद यहां मेडिकल उपकरणों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थापना की जाएगी।
68 करोड़ की लागत और निर्माण का विस्तार
बहादुरगढ़ के HSIIDC Industrial Sector में चार साल से यह 100 बेड वाला ESI Hospital बनाया जा रहा है। लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में बने इस अस्पताल की कुल लागत 68 करोड़ रुपये है। अस्पताल के चालू होने के बाद बहादुरगढ़ के औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में काम करने वाले एक लाख से अधिक बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य लाभ मिल सकेंगे। हालांकि, निर्माण कार्य के एक हिस्से में चहारदीवारी का काम विवाद में फंसा हुआ है और इसी खुले हिस्से की तरफ से लूटपाट की घटनाएं भी हुई हैं।
भविष्य की योजनाएं और सुरक्षा
अस्पताल भवन के अंदर फिनिशिंग का काम अभी चल रहा है। भवन के पीछे ही स्टाफ क्वार्टर बनाए गए हैं, ताकि चिकित्सक और अन्य कर्मचारी सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। एजेंसी ने आश्वस्त किया है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाएगा। अस्पताल चालू होने के बाद बहादुरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, औद्योगिक कर्मचारियों के इलाज में आसानी होगी और स्थानीय लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

















