Haryana News: फतेहाबाद में यातायात व्यवस्था की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। कहावत “चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात” यहाँ सटीक बैठती है, क्योंकि कुछ दिनों तक थाना रोड पर ट्रैफिक नियंत्रण में नजर आया, लेकिन अब फिर से रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसा लग रहा है कि फतेहाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से यातायात पुलिस के हाथ से निकल रही है।
थाना रोड पर रोजाना लग रहा जाम
फतेहाबाद की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता साफ दिखाई दे रही है। थाना रोड पर रोजाना जाम लगने से न केवल आम जनता को परेशानी हो रही है, बल्कि वाहनों की लंबी कतारें पूरे यातायात को बाधित कर रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जनता में अब ट्रैफिक पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। फव्वारा चौक से अग्रसेन चौक में बदले गए चौराहे पर अब फिर से वाहनों की भीड़ नजर आने लगी है। भले ही होम गार्ड के जवान वहां तैनात किए गए हों, लेकिन लोगों के मन में कानून का डर समाप्त होता जा रहा है।
यातायात पुलिस की कुम्भकर्णी नींद
फतेहाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था को देखकर ऐसा लग रहा है कि ट्रैफिक पुलिस किसी गहरी नींद में सो रही है। आम जनता को इस लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। जब भी कोई मुख्य मार्ग पर जाम लगता है, तब ऐसा प्रतीत होता है कि यहाँ ट्रैफिक पुलिस नाम की कोई चीज ही नहीं है।
अग्रसेन चौक से जवाहर चौक तक भीषण जाम
जवाहर चौक से अग्रसेन चौक तक रोजाना भारी जाम लग रहा है, जिससे यात्री और स्थानीय नागरिकों को असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आलम यह है कि वाहन चालक अपनी मनमानी पर उतर आए हैं और ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
गलत पार्किंग बनी जाम की मुख्य वजह
लापरवाह लोग अपनी गाड़ियाँ पार्किंग स्थल में खड़ी करने की बजाय बाजार के बीचों-बीच खड़ी कर देते हैं, जिससे कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है। इस वजह से लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार इस बात को लेकर झगड़े भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
यातायात पुलिस के लिए चुनौती बना मुख्य बाजार
फतेहाबाद में मुख्य बाजार केवल जवाहर चौक से थाना रोड तक ही सीमित है, लेकिन इसे व्यवस्थित रूप से संभालना भी ट्रैफिक पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हर 10 मिनट में यहाँ जाम लगना आम बात हो गई है, क्योंकि लोग थाना रोड पर बनी पार्किंग का उपयोग करने की बजाय सड़क पर ही अपने वाहन खड़ा कर देते हैं और खरीदारी में व्यस्त हो जाते हैं।
अतिक्रमण से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
यातायात जाम के लिए केवल वाहन चालक ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि बाजार के दुकानदार भी इसमें बराबर के भागीदार हैं। फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा है, जिससे सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चला रहे हैं, लेकिन दुकानदार कुछ ही दिनों बाद फिर से सड़कों पर सामान रख देते हैं, जिससे बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है।
यातायात पुलिस की लापरवाही या जनता की मनमानी?
फतेहाबाद में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या के लिए पुलिस प्रशासन को पूरी तरह दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसमें जनता की भी बड़ी भूमिका है। लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते, सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, और सड़कों पर अतिक्रमण कर चलते यातायात को बाधित करते हैं। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि यातायात पुलिस सख्ती से नियमों का पालन करवाए और गलत तरीके से पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई करे, तो स्थिति में सुधार आ सकता है।
स्कूल बसों के कारण दोपहर में हालात बदतर
दोपहर के समय स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है, जब स्कूल बसें मुख्य मार्ग से गुजरती हैं। गलत पार्किंग और भीड़भाड़ के कारण बसों को निकलने में कठिनाई होती है, जिससे जाम की समस्या और बढ़ जाती है। कई बार तो स्कूल बसों को रास्ता न मिलने की वजह से छात्रों को देर तक इंतजार करना पड़ता है।
फुटपाथों पर कब्जा बना समस्या की जड़
अतिक्रमण की समस्या फतेहाबाद के बाजारों में आम हो चुकी है। फुटपाथों पर दुकानदारों ने अवैध रूप से सामान रख दिया है, जिससे पैदल चलने वालों को काफी दिक्कत होती है। यदि प्रशासन इस पर सख्ती करे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लगातार जारी रखे, तो इससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
यातायात नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय
फतेहाबाद की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाने चाहिए:
- सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन: ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि वह सख्ती से नियमों का पालन करवाए और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाए।
- गलत पार्किंग पर कार्रवाई: गलत जगह गाड़ियाँ खड़ी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और जुर्माना लगाया जाए।
- अतिक्रमण हटाने की सख्त नीति: नगर परिषद को लगातार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाना चाहिए ताकि दुकानदार फिर से सड़क पर कब्जा न कर सकें।
- पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करना: शहर में पहले से बनी पार्किंग का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए और नई पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
- स्कूल बसों के लिए अलग मार्ग: दोपहर में स्कूल बसों के लिए अलग से मार्ग तय किया जाए, ताकि मुख्य सड़कों पर जाम न लगे।
- होम गार्ड्स की तैनाती बढ़ाई जाए: भीड़भाड़ वाले इलाकों में अधिक संख्या में होम गार्ड्स की तैनाती की जाए, ताकि ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके।
फतेहाबाद में बढ़ती ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए यातायात पुलिस, प्रशासन और आम जनता को मिलकर प्रयास करना होगा। जब तक लोग खुद ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेंगे और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। समय की मांग है कि ट्रैफिक पुलिस सख्ती दिखाए और लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी फतेहाबाद की सड़कों पर जाम की समस्या से निजात मिल सकेगी।

















