Haryana News: हरियाणा के हिसार में ग्लैंडर्स रोग का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र में सख्ती बढ़ा दी है। संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए अश्व प्रजाति के पशुओं को जिले से बाहर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही घोड़ों से जुड़े सभी कार्यक्रम जैसे दौड़, मेले, प्रदर्शनी और खेल आयोजन भी स्थगित कर दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के दो किलोमीटर दायरे में आने वाले सभी घोड़ों, खच्चरों और अन्य अश्व प्रजाति के जीवों के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार ग्लैंडर्स रोग मनुष्यों में भी फैल सकता है, इसलिए घोड़ी के संपर्क में आने वाले लोगों की मेडिकल जांच भी करवाई जाएगी।डॉ. सहरावत ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं के स्वास्थ्य पर नजर रखें और किसी भी तरह के संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना दें।Haryana News
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार से प्राप्त लैब रिपोर्ट में नए मामले की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार एक घोड़ी में संक्रमण पाया गया था, जिसकी मृत्यु 6 नवंबर को हो चुकी है। 12 नवंबर को रिपोर्ट मिलते ही विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाकर टीमों को सैंपलिंग और जांच कार्य में लगा दिया है।
मृत घोड़ी का मालिक 12 क्वार्टर एरिया का स्थानीय निवासी है। उसके अनुसार उसने घोड़ी को मिर्जापुर रोड स्थित फार्म पर रखा हुआ था और इसे केवल शौक के रूप में पालता था। घोड़ी इसी महीने की शुरुआत में बीमार हुई थी, जिसके बाद वह इलाज के लिए उसे लुवास ले गया था। 6 नवंबर को उसकी मृत्यु हो गई।
मालिक ने बताया कि अब तक उसके परिवार के किसी भी सदस्य के सैंपल नहीं लिए गए हैं, हालांकि विभाग द्वारा परिवार की सेहत के बारे में सामान्य पूछताछ जरूर की गई है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकतानुसार मानव स्वास्थ्य विभाग भी अपनी जांच आगे बढ़ाएगा।

















