Haryana News: हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (Haryana Civil Medical Services Association) की एक्शन कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन जारी रही। जिले में कुल 148 डॉक्टर हैं जिनमें से 90 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। विभाग की तरफ से वैकल्पिक इंतज़ाम जरूर किए गए लेकिन इसके बावजूद नागरिक अस्पताल में बहुत कम मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
हरियाणा सरकार ने सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के बाद ESMA लागू कर दिया है और साथ ही काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम भी लागू कर दिया गया है। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को दवाई लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की यह हड़ताल सोमवार से ही जारी है।Haryana News
डॉक्टरों ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बुधवार 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अब सरकार की कार्रवाई के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसी बीच स्थानीय विभागीय अधिकारी ने हड़ताल पर गए प्रोबेशन डॉक्टरों को नोटिस भी जारी कर दिया है।
हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की OPD पर देखने को मिला। आम दिनों में करीब 1350 मरीज इलाज के लिए आते थे लेकिन हड़ताल लगने के बाद संख्या तेजी से गिरने लगी। सोमवार को 1079 मरीज आए। मंगलवार को 981। बुधवार को 979। और गुरुवार को सिर्फ 822 लोग ही अस्पताल पहुंचे। इस तरह हड़ताल के चार दिनों में कुल 3861 मरीज ही OPD में पंजीकरण करवा सके।Haryana News
कुछ दिन पहले मैं डॉक्टर को दिखाकर दवा लेकर गया था। लेकिन दवा का कोई असर नहीं हो रहा है। हाथ में कई दिनों से लगातार दर्द बना हुआ है। आज दोबारा जांच करवाने अस्पताल आया था पर डॉक्टर OPD में बैठे ही नहीं। अब मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल जाकर ही डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा।

















