Haryana News: हरियाणा में 22 सितंबर से धान की सरकारी खरीद चालू है। राज्य सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे 5,932.47 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर दी गई है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनका पैसा समय पर और पूरी राशि मिले।
किसानों के हितों की सुरक्षा
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की सभी अनाज मंडियों में धान की खरीद सुचारू रूप से हो रही है। हाफेड, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं। किसानों को उपज बेचते समय किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन और खरीद प्रक्रिया
धान की खरीद केवल ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से ही की जा रही है। अब तक 2,02,812 रजिस्टर्ड किसान अपनी उपज खरीद एजेंसियों को बेच चुके हैं। राज्य की मंडियों में कुल 38.92 लाख टन धान की आवक हुई है। इसमें से 35.34 लाख टन की खरीद हो चुकी है और 27.11 लाख टन भंडारण और प्रसंस्करण के लिए उठाया गया है।
MSP और भुगतान की गारंटी
खरीद भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 2,389 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की जा रही है। इस दर में कोई कटौती नहीं की जा रही है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज केंद्र द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार सुखाकर लाएं। अधिकतम नमी की मात्रा 17 प्रतिशत तक ही होनी चाहिए।
सभी खरीद एजेंसियों ने मंडियों में पर्याप्त व्यवस्था की है। भीड़भाड़ से बचने के लिए उठान की गति तेज कर दी गई है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपना धान पर्याप्त रूप से सुखाकर लाएं ताकि उन्हें समय पर और उचित भुगतान मिल सके। सरकार किसानों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

















