Haryana News: हरियाणा में एमरजेंसी हेल्पलाइन सेवा Dial 112 को और ज्यादा बेहतर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। DGP अजय सिंघल ने साल 2026 का विजन साझा करते हुए कहा कि तकनीकी सुधारों के साथ Dial 112 को दुनिया के सबसे तेज और प्रभावी आपातकालीन सेवा मॉडलों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है । नायब सैनी के इस फेसले की चारो ओर चर्चा हो रही है। लोग इस सेवा को सटीक मान रहे है।Haryana News
Dial 112 ने बना चुकी कई रिकोर्ड: DGP अजय सिंघल ने बताया कि 2021 में शुरू हुई Dial 112 सेवा पर चार सालों में आपात सेवाओं के क्षेत्र में दिसंबर 2025 तक 2.75 करोड़ से अधिक कॉल दर्ज की गई है। अब लोग किसी भी संकट की घड़ी में सबसे पहले Dial 112 पर ही काल कर रहे हैं। इनता ही नही यह सेवा पहले से फास्ट मिल रही हैं । लोगो का इस सेवा पर विश्वास बढा है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2021 में जहां औसत प्रतिक्रिया समय 16 मिनट 14 सेकंड था. वहीं, दिसंबर 2025 तक यह घटकर 9 मिनट 33 सेकंड रह गया है।Haryana News
किया गया है ऐसा: भविष्य में ऑटो डिस्पैच सिस्टम लागू होने से आपातकालीन काल मिलते ही नजदीकी इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) स्वतः रवाना हो जाएगी। AI आधारित उन्नत रूटिंग सिस्टम के जरिए ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में भी तेजी से सहायता पहुंचेगी। इतना ही नहीं GPS ऑडिट के माध्यम से ERV की गति, दूरी और प्रतिक्रिया समय की निगरानी की जाएगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
Dial 112 से जोड़ना भी बड़ी उपलब्धि : उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को Dial 112 से जोड़ना भी बड़ी उपलब्धि है। इससे सड़क दुघर्टना का शिकार लोगों को पीक अवर्स में इलाज मिल सकेगा जिससे उनकी जिंदगी बचने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी। यानि पहले से जल्द ही सहायता मिल सकेगी।Haryana News
इसके लिए इस सेवा को पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित, ऑटो डिस्पैच और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से संचालित किया जाएगा। इरियाणा में शुरू की जा रही इस पहल की चारों ओर चर्चा बनी हुई है।
डायल-112 को जल्द ही पूरी तरह आटो डिस्पैच आधारित, एआइ संचालित और रियल-टाइम मानिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एंबुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम को शामिल किया जाएगा।
तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आये हैं।

















