Haryana News: हरियाणा ही नहीं रेवाड़ी में बडी संख्या में अवैध घुसपैठिए रह रहे है। तेजी से बढ रही बंग्ला देशी नागरिक व रिहंगो को रेवाड़ी से डिपोर्ट करने की मांग को लेकर सोमवार को संगठन एक जट हो गए है।
विश्व हिंदू परिषद, हिंदू युवा वाहिनी और हिंदू सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव अवैध घुसपैठियों को जिला रेवाड़ी से पकड़ कर डिपोर्ट करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सोंंपा।
इसी क्रम में हिंदू संगठनों के शिष्टमंडल ने कोसली के विधायक अनिल यादव और बावल के विधायक डा० कृष्ण कुमार को भी ज्ञापन सौंपा। त्रकल 3 जून को यदि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक महोदय मिल सके तो उनके सामने कार्यालय में बैठ कर प्रतिनिधि मंडल इस विषय को लेकर गम्भीरता पूर्वक चर्चा करना चाहता है।
कार्यकर्ताओं ने विधायकों से कहा कि 15 मई को गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और जिला मजिस्ट्रेटों को 30 दिन के अंदर-अंदर सभी अवैध घुसपैठियों को पकड़ कर डिपोर्ट करवाने का समय बद्ध सख्त आदेश दिया था जिसकी अवधि 15 जून को समाप्त हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देश और प्रदेश के लिए घोषणा कर चुके हैं कि यहां कोई धर्मशाला नहीं है और सभी अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने की मुहिम चलाई गई है।
रेवाड़ी के हिंदु संगठन बार-बार विरोध प्रदर्शन कर के उपायुक्त से घुसपैठियों की सही पहचान कराने और इन्हें देश से बाहर निकालने के लिए ज्ञापन दे-दे कर मांग कर चुके हैं। अनेकों बार इस संबंध में ईमेल से प्रार्थना पत्र भेजे जा चुके हैं लेकिन जिलाधिकारियों द्वाराकोई खास संज्ञान नहीं लिया जा रहा।
प्रशासन ने साधी चुप्पी: उन्होंने बताया कि रेवाडी के गांव से बिठवाना के आस पास 11 गांवों के सरपंच किराएदार रखने वाले मकान मालिकों से उनके आईडी प्रूफ प्राप्त करने के लिए आई हुई दिक्कतों को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक से मिले तो उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और 223 को जिले में लागू करने का आदेश तो कर दिया लेकिन उस पर कोई अमल दिखाई नहीं दे रहा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि आईबी और सीआईडी ने भी जो ईंट भट्टों से 40 के करीब अवैध घुसपैठिए डिपोर्ट करवाए हैं, उसकी संख्या पूरे जिले भर में मौजूद इन घुसपैठियों के सामने नगण्य है, जबकि पूरी छानबीन की जाए तो यह संख्या सैकड़ों से भी ऊपर टप सकती है।
क्योंकि केवल ईंट भट्टों पर ही नहीं मकानों और प्लोटों में भी नाम बदल-बदल कर और बिना बदले भी बहुत बड़ी संख्या में वे मौजूद हैं लेकिन उन पर कोई अभी तक कार्रवाई नहीं हो रही।
ज्ञापन में बताया गया है कि नागरिक और पुलिस प्रशासन के पास सर्वे करने, आईडी प्रूफ इकट्ठे करने और जांच करने के लिए पूरी मशीनरी है जैसे बीएलओ,आशा वर्कर, सीपीएलओ और थानों में 1-2 गांवों पर बीट इंचार्ज भी बने हुए होते हैं। उन्हें सक्रिए किया जाए तो यह सत्यापन प्रक्रिया बहुत अच्छी तरह सम्पन्न हो सकती है। इसके अलावा पंच, सरपंच और पार्षद भी उपायुक्त की कमान से बाहर नहीं हैं।
नागरिक और पुलिस प्रशासन की टीमें जब सब के आई डी प्रूफों की क्रोस वैरिफिकेशन करेंगी और इन रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पीछे की वहां के लोकल थानो से गहन जांच करके वंशावली खंगालेंगी तो सभी छुपे हुए घुसपैठिए सामने आ जाएगे जिन्हें गृहमंत्रालय के आदेशानुसार समय सीमा में ही डिपोर्ट किया जा सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि उपायुक्त एवं एसपी महोदय ने नागरिक और पुलिस प्रशासन की टीमों को इस दिशा में क्रियाशील नहीं किया तो गृह मंत्री का यह आदेश रेवाड़ी में एक दिवास्वप्न बन कर दम तोड़ देगा और जो जिलाधीश ने मालिकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 एवं 223 का मालिकों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने और अवहेलना करने पर दंडित करने का 24 मई को आदेश पारित किया था, वह औपचारिकता मात्र ही सिद्ध होगा।
ये रहे मौजूद: ज्ञापन देने वालों में हिंदू संगठनों के प्रमुख अधिकारियों एवं कार्य कर्तार्ओं में राधेश्याम मित्तल,राजकुमार यादव, श्याम सुंदर,अजय यादव, अनिल आर्य पाल्हावास, कंवल सिंह सोनी,शिव कुमार शर्मा, मनोज कुमार पूर्व सरपंच, और तीस के करीब अन्य गण मान्य जन जो उपस्थित थे उनमें–शंभू सिंह चौहान शीशराम, अभय सिंह, नवल सिंह ,राज सिंह, बाबूलाल शर्मा ,लक्ष्मण सिंह, संजय कुमार,मनोज कुमार, अमन यादव ,सुरेंद्र कुमार ,अजीत सिंह, बीरेंद्र सिंह, ऋषि पाल, रामजस,अजय कुमार, रोहतास सिंह,सरदार सिंह, राम कुमार,अभय सिंह,नवीन कुमार आदि आदि थे।

















