Haryana News: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने प्रदेश के शहरों में विकास को और व्यवस्थित बनाने के लिए अपनी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी शहरी क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल, पेट्रोल पंप, धार्मिक स्थल या अन्य संस्थान बनाने पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) देना अनिवार्य होगा। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा और शहरी विस्तार योजनाबद्ध तरीके से होगा।
पहले यह चार्ज केवल आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक इमारतों पर लागू होता था, लेकिन अब सामाजिक और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर भी इसे लागू किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, स्कूल, अस्पताल और अन्य संस्थानों से भी सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और सीवरेज जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है। इसलिए सभी डेवलपर्स को समान रूप से योगदान देना होगा।
नई नीति के तहत, अगर कोई डेवलपर या संस्थान शहरी क्षेत्र में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल या अन्य गैर-आवासीय भवन बनाना चाहता है, तो उसे पहले HSVP की मंजूरी के साथ निर्धारित दरों के अनुसार ईडीसी जमा करना होगा। दरें अलग-अलग जोन के हिसाब से तय की जाएंगी। बड़े शहरों में चार्ज ज्यादा होगा जबकि छोटे कस्बों में कुछ छूट दी जा सकती है।
सरकार का कहना है कि इससे पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे का संतुलित विकास होगा और शहरी सुविधाएं सभी इलाकों में समान रूप से मिलेंगी। हालांकि, रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्माण लागत बढ़ेगी और अंततः आम नागरिक को महंगे दाम पर सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्कूल और अस्पतालों की फीस पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
कुछ शहरी योजनाकारों ने यह सवाल उठाया है कि सरकार को स्पष्ट करना होगा कि वसूले गए ईडीसी का पैसा किन परियोजनाओं में खर्च होगा और क्या इसे स्थानीय स्तर पर ही इस्तेमाल किया जाएगा या राज्य फंड में जोड़ा जाएगा। फिलहाल, HSVP ने नई नीति लागू कर दी है और सभी डेवलपर्स को इसकी जानकारी दे दी गई है। अब नई मंजूरियों से पहले ईडीसी का भुगतान अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में विकास की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
















