हरियाणा में डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग की नई शुरुआत
हरियाणा सरकार अब हेपेटाइटिस नियंत्रण को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य स्तर पर एक समर्पित डिजिटल रजिस्ट्री तैयार की जा रही है, जिसमें हेपेटाइटिस से जुड़े सभी मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य केवल डेटा इकट्ठा करना नहीं, बल्कि उपचार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम के जरिए जांच से लेकर इलाज और फॉलो-अप तक की पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को बार-बार कागजी दस्तावेज़ लेकर अस्पताल जाने की आवश्यकता कम होगी और उपचार की निरंतरता बनी रहेगी।
हर मरीज की पूरी जानकारी एक क्लिक पर
नई डिजिटल रजिस्ट्री में मरीज का नाम, उम्र, लिंग, जिला, ब्लॉक, संक्रमण का संभावित कारण और उपचार की स्थिति जैसी अहम जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इससे यह समझना आसान होगा कि किस क्षेत्र में संक्रमण अधिक फैल रहा है और किन आयु वर्गों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है।
अगर कोई मरीज बीच में इलाज छोड़ देता है, तो सिस्टम के माध्यम से उसे दोबारा ट्रैक कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और लैब को साप्ताहिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की जाएगी, ताकि कोई भी पॉजिटिव मामला दर्ज होने से छूट न पाए।
गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर विशेष फोकस
हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित गर्भवती महिलाओं की अलग से निगरानी की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चे को जन्म के 24 घंटे के भीतर जरूरी टीका और दवा मिल जाए। आगे के टीकाकरण की पूरी जानकारी भी डिजिटल रूप से अपडेट होती रहेगी, जिससे मां से बच्चे में संक्रमण की संभावना को रोका जा सके।
राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थान जैसे PGIMS Rohtak और अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे विशेषज्ञ सलाह और उन्नत जांच सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकेंगी।
यह नई व्यवस्था हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए हेपेटाइटिस उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम साबित हो सकती है।

















