Haryana सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ट्रांसजेंडरों के लिए पहचान पत्र जारी करेगी, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। यह पहचान पत्र प्रत्येक जिले के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के माध्यम से जारी किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए एक विशेष कल्याण बोर्ड के गठन का भी निर्णय लिया है, जो उनके अधिकारों की रक्षा करेगा और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित करेगा।
पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया
सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपने जिले के डीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। इस आवेदन की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा ताकि सभी आवेदकों को 15 दिनों के भीतर पहचान पत्र जारी किया जा सके।
पहचान पत्र बनने से ट्रांसजेंडर समुदाय को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे, जैसे:
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
- रोजगार के अवसरों में वृद्धि
- चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच
- शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्राथमिकता
कल्याण बोर्ड का गठन
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के हितों की रक्षा करने और उनके समुचित विकास के लिए सरकार ने एक कल्याण बोर्ड बनाने का फैसला किया है। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को सुनिश्चित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाना होगा।
कल्याण बोर्ड द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्य:
- ट्रांसजेंडरों के पुनर्वास के लिए विशेष योजनाओं का निर्माण
- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन
- भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायतों का निवारण
- सरकारी और निजी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के अवसर प्रदान करना
अस्पतालों में अलग वार्ड की व्यवस्था
ट्रांसजेंडर समुदाय के स्वास्थ्य अधिकारों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने अस्पतालों में उनके लिए अलग वार्ड बनाने का निर्णय लिया है। इससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे सम्मानपूर्वक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि समाज के सभी वर्गों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए और यह कदम ट्रांसजेंडरों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
हरियाणा उभयलिंगी व्यक्ति नियम 2024 पर सुझाव और आपत्तियाँ
हरियाणा सरकार ने ‘हरियाणा उभयलिंगी व्यक्ति नियम 2024’ के मसौदे को सार्वजनिक किया है और इसमें सभी संबंधित पक्षों से एक महीने के भीतर सुझाव और आपत्तियाँ मांगी हैं।
इन नियमों के तहत, जिला मजिस्ट्रेट को किसी भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति के आवेदन के 15 दिनों के भीतर पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित होगी।
संस्थागत और बुनियादी सुविधाएँ
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि नियमों के लागू होने के दो वर्षों के भीतर ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संस्थागत और बुनियादी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसके अंतर्गत निम्नलिखित व्यवस्थाएँ की जाएंगी:
- पुनर्वास केंद्रों की स्थापना
- अस्थायी आश्रय गृह और अल्पकालिक आवास व्यवस्था
- अस्पतालों में अलग वार्ड और शौचालय की सुविधा
- सार्वजनिक और निजी संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधाएँ
यह निर्णय समाज में ट्रांसजेंडरों के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए लिया गया है, ताकि वे बिना किसी भेदभाव के अपनी सामान्य जिंदगी जी सकें।
शिकायतों का निवारण 30 दिनों में होगा
ट्रांसजेंडरों के खिलाफ होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। सभी सरकारी और निजी संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ट्रांसजेंडरों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
यदि किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति को किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, शोषण या भेदभाव झेलना पड़ता है, तो वह संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए विशेष कदम
हरियाणा सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।
- सभी शिक्षण संस्थानों में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो ट्रांसजेंडर छात्रों से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायतों का समाधान करेगी।
- शिक्षण संस्थानों में ट्रांसजेंडरों के लिए विशेष सीटें आरक्षित की जाएंगी।
- उन्हें मुफ्त या रियायती शिक्षा प्रदान की जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
- सरकारी और निजी संस्थानों में ट्रांसजेंडरों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
हरियाणा सरकार का यह निर्णय ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। पहचान पत्र, कल्याण बोर्ड, स्वास्थ्य सुविधाएँ, शिक्षा और रोजगार के अवसर— ये सभी कदम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करेंगे।
सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाएँ प्रदान करना नहीं, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अधिकार और सम्मान देना भी है। यह नीति देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल साबित हो सकती है और ट्रांसजेंडर समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी।

















