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Haryana सरकार ने किया बड़ा ऐलान, अब आलू किसानों को मिलेगा भावांतर भरपाई योजना का लाभ

On: February 21, 2025 8:04 PM
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Haryana के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आलू उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना (Bhavantar Bharpai Yojana) का लाभ देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि वह किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। सरकार की नीतियों के केंद्र में कृषि और किसान कल्याण प्रमुख रूप से शामिल हैं।

पिछले वर्ष का बकाया भुगतान किया गया

सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 46.34 करोड़ रुपये की बकाया राशि किसानों को जारी कर दी गई है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि यदि बाजार में आलू के दाम गिरते हैं तो वे अपनी फसल को कोल्ड स्टोरेज में रख सकते हैं, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

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क्या है भावांतर भरपाई योजना?

हरियाणा सरकार ने किसानों को जोखिम मुक्त करने के उद्देश्य से एक अनूठी योजना भावांतर भरपाई योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को मंडियों में बिकने वाली फसलों के न्यूनतम बिक्री मूल्य में गिरावट से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाना है। इस योजना में कुल 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें 5 फल, 14 सब्जियां और 2 मसालेदार फसलें शामिल हैं।

कैसे मिलता है किसानों को लाभ?

इस योजना के तहत संरक्षित मूल्य (Protected Price) को बागवानी फसलों की उत्पादन लागत के आधार पर तय किया जाता है। यदि किसानों को मंडियों में अपनी फसल का मूल्य इस संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो सरकार द्वारा उस अंतर को भरपाई राशि के रूप में किसानों को दिया जाता है।

अब तक कितने किसानों को हुआ फायदा?

योजना शुरू होने के बाद से अब तक:
3,15,614 किसानों ने योजना में पंजीकरण कराया है।
7,02,220 एकड़ भूमि को योजना के तहत कवर किया गया है।
24,385 किसानों को 110 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई है।

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कैसे करें आवेदन?

भावांतर भरपाई योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी फसल को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर पंजीकृत कराना होता है। इसके बाद बागवानी विभाग द्वारा उनकी फसल का सत्यापन किया जाता है।

1️⃣ किसान जब अपनी फसल को मंडी में ले जाते हैं, तो उन्हें गेट पास जारी किया जाता है।
2️⃣ गेट पास के आधार पर जे-फॉर्म (J Form) जारी किया जाता है।
3️⃣ सरकार द्वारा निर्धारित कीमत और मंडी में बिक्री मूल्य के बीच का अंतर किसान को भरपाई राशि के रूप में दिया जाता है।

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इस योजना का लाभ न केवल भूमि मालिक किसानों को मिलेगा, बल्कि पट्टेदार (lessees) और किरायेदार (tenants) किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सरकार की किसानों को राहत देने की दिशा में बड़ी पहल

हरियाणा सरकार का यह कदम यह दर्शाता है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है।

राज्य सरकार का यह निर्णय आलू किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा और उन्हें फसल की सही कीमत मिलने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसान किसी भी प्रकार की आर्थिक अस्थिरता से प्रभावित न हों और उन्हें उनके परिश्रम का पूरा लाभ मिले।

Harsh

मै पिछले पांच साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है।

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