Haryana Budget Session 2026: हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है, जिसमें राज्य की आर्थिक दिशा और विकास योजनाओं का रोडमैप तय किया जाएगा। इस बार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 2.15 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश कर सकते हैं, जो पिछले साल के 2.05 लाख करोड़ रुपए के बजट से अधिक होगा।
बता दे इस बार पूरे बजट सत्र में कुल 9 अवकाश भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे कार्यवाही चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। हालांकि यह कार्यक्रम अभी अस्थायी है और अंतिम निर्णय 19 फरवरी को होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। Haryana Budget Session 2026
इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और INLD विधायक अर्जुन चौटाला भी शामिल होंगे।यह बजट सत्र 18 मार्च तक चलेगा और इसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।
हरियाणा का यह बजट सत्र राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं को तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार के सामने विकास कार्यों को गति देने, रोजगार बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की चुनौती होगी, जबकि विपक्ष बजट में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की मांग कर सकता है।
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरूआत: बता दे कि 20 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस दौरान सदन में शोक प्रस्ताव पेश किए जाएंगे और सरकारी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 23 से 25 फरवरी तक उस पर चर्चा होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी राय रखेंगे।
मतदान कराया जाएगा इन दिन: 26 फरवरी को सदन में सामान्य चर्चा जारी रहेगी और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट (तीसरी किस्त) पेश किया जाएगा। इसके बाद 27 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देंगे और धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा। इसी दिन अनुपूरक अनुदान विधेयक भी पारित किया जाएगा।
9 मार्च को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप : इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 2 मार्च होगा, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का मुख्य बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस बजट में बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े बड़े ऐलान हो सकते हैं। बजट पेश होने के बाद विभागीय स्थायी समितियां 5 और 6 मार्च को इसकी विस्तृत समीक्षा करेंगी और 9 मार्च को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देंगी।
चार दिन होगी चर्चा: 10 से 13 मार्च तक विधानसभा में बजट पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें विधायक विभिन्न विभागों के खर्च और योजनाओं पर अपनी राय रखेंगे। 16 मार्च को बजट पर सामान्य चर्चा का समापन होगा और मुख्यमंत्री बजट पर अपना जवाब देंगे। इसके बाद विनियोग विधेयक और अन्य विधायी कार्यों को पारित किया जाएगा।
इस पूरे बजट सत्र में कुल 9 अवकाश भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे कार्यवाही चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। हालांकि यह कार्यक्रम अभी अस्थायी है और अंतिम निर्णय 19 फरवरी को होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और INLD विधायक अर्जुन चौटालाभी शामिल होंगे।
हरियाणा का यह बजट सत्र राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं को तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार के सामने विकास कार्यों को गति देने, रोजगार बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की चुनौती होगी, जबकि विपक्ष बजट में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की मांग कर सकता है।

















