RAF होती तो नहीं बिगड़ते नूंह में हालात: केंद्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह

On: August 7, 2023 12:29 PM
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2017 में मंजूरी के साथ करीब 50 एकड़ जमीन इंडरी, नूंह में आवंटित
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सीएलयू फीस के नाम पर अटका दी फाइल

हरियाणा: हरियाण के नूंह में​ हिंसा की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। पक्ष विपक्ष लेकर रोज हिंसा की याद को ताजा कर देते है। एक बार फिर फिर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह अपनी ही प्रदेश सरकार को घेर लिया है।देवकी गौ उपचारशाला ने दानकर्ताओंं का किया स्वागत

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देश ही नही विदेशों में हुए बदनाम

नूंह में 31 जुलाई को ऐसे हालात बिगड़े कि हरियाणा का नाम देश ही नहीं, विदेशों में भी बदनाम हो गया। हालात काबू करने में समय लग गया, क्योंकि पुलिस फोर्स का अभाव था। अर्धसैनिक बल तो आसपास थे ही नहीं। लेकिन, इसके लिए कहीं न कहीं हरियाणा सरकार और उसका टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ही जिम्मेदार है।समय सिंह दोबारा बने भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रधान

क्योंकि, इंडरी-नूंह में प्रस्तावित रेपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की बटालियन अगर समय पर स्थापित हो जाती तो न सिर्फ दंगे पर तुरंत काबू पाया जा सकता था, बल्कि नुकसान को भी कम से कम किया जा सकता था।

 

2017 में हुई हिंसा के बाद लिया था फैसला
गुरुग्राम के पटौदी में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि करीब 7–8 वर्ष पहले भारत सरकार और होम मिनिस्ट्री ने तय किया था कि तावडू में पैरामिलिट्री फोर्स RAF का कैंप स्थापित किया जाए। यह फैसला उस समय 2017 में तावडू में हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए लिया गया था। उसके बाद इस ओर ध्यान नही दिया गया।

 

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इससे पहले 31 जुलाई को हुई हिंसा के बाद राव इन्द्रजीत सिंह ने ब्रजमंडल यात्रा में हथियार लेकर जाने पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि इस बयान के बाद BJP नेता और पर्यटन निगम के चेयरमैन डॉ. अरविंद यादव ने उनके बयान की निंदा की थी। राव इन्द्रजीत सिंह पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं, लेकिन नूंह हिंसा के बाद वे बेबाकी से अपनी बात रख रहे हैं।

 

गुरुग्राम से सांसद होने के कारण नूंह जिला उनके ही संसदीय क्षेत्र में आता है। राव इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि नूंह जिले के तावडू में बनने वाला RAF का परमानेंट कैंप राज्य सरकार की वजह से नहीं बना। इसके लिए हरियाणा सरकार को पानी, बिजली और सड़क जैसा बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना था जो नहीं कराया। इतना ही नहीं जमीन ट्रांसफर के लिए सीएलयू की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की।

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राव का कहना है कि नूंह जिला हमेशा से ही अतिसंवेदनशील रहा है। राव इंद्रजीत सिंह ने साफ-साफ कहा कि तावडू में प्रस्तावित RAF कैंप के लिए राज्य सरकार के द्वारा पानी बिजली सड़क जैसे संसाधन नहीं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीएलयू की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गई।नूंह हिंसा को लेकर गृह मंत्री ने क्यों कहा सीएम देंगे जानकारी, जानिए क्या है वजह

आरएएफ को सीएलयू न देने वालों पर हो कार्रवाई

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में जिस समय आरएएफ की ओर से सीएलयू की फाइल जमा हुई, उस समय कौन-कौन अधिकारी तैनात थे? इन अधिकारियों ने फीस माफी का नियम होने के बावजूद आरएएफ कैंप परिसर की स्थापना की एवज में फीस क्यों मांगी? क्यों आरएएफ के फीस माफी के पत्रों को नजरअंदाज किया गया?Nuh: कौन भडका रहा था नूंह में हिंसा की आग, पुलिस को मिले अहम सबूत, यहां पढिए पूरा खेल

क्यों राव इंद्रजीत की मीटिंगों में मामला उठने के बावजूद इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। इसके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में साल 2021 और 2022 में तैनात रहे उन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने आरएएफ की फाइल को दबा कर रखा।

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CM मनोहर लाल को भी लिखा पत्र
जिससे ‌BJP के नेता ही असहज होते दिख रहे हैं। तावडू में RAF के परमानेंट कैंप को लेकर अक्टूबर 2022 में राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखा गया पत्र भी सामने आया है। इसमें भी राव इन्द्रजीत सिंह ने राज्य सरकार की अनदेखी का खुलकर जिक्र किया हुआ है।

 

 

तनाव की भी उच्च स्तरीय जांच होना जरूरी: राव इंद्रजीत सिंह

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राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नूंह में दोनों समुदायों के बीच इतने सालो अमन चैन कायम रहा है। आखिर ऐसा क्या कारण रहा कि वहां पर अचानक ही तनाव का माहौल बन गया। इस प्रकार बने अचानक तनाव की भी उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है।

Harsh

मै पिछले पांच साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है।

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