रेलवे या​त्रियों के लिए Good News : इस रूट का होगा दोहरणीकरण

On: March 6, 2026 8:33 PM
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RAIL LINE

Good News: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। रेलवे द्वारा Rewari–Narnaul–Ringas railway line के दोहरीकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। बता दे कि पहले चरण में कुंड से नारनौल तक ट्रैक दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दूसरे चरण में कुंड से रेवाड़ी तक दूसरे चरण का कार्य होगा।

 

एक साल में होगा पूरा: रेलवे अधिकारियों के अनुसार पूरी परियोजना को पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है, जिससे क्षेत्र के रेल यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।इससे अन्य व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और रेल संचालन अधिक सुचारू बन सकेगा। साथ ही ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार आएगा, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

 

बता दे ये रेलखंड रेवाड़ी-नारनौल-रींगस होते हुए राजस्थान के फुलेरा से जुड़ता है। दोहरीकरण पूरा होने के बाद गुजरात और राजस्थान से दिल्ली की ओर जाने वाली कई ट्रेनें इस मार्ग से संचालित हो सकेगी। इससे अन्य व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों का दबाव कम होगा ।

जानिए क्यों पडी जरूरत‘ बता दें कि हरियाणा के रेवाड़ी नारनोल से राजस्थान के फुलेरा तक रेल मार्ग सिंगल ट्रैक है। इस कारण लंबी दूरी की ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए कई बार स्टेशनों पर रुकना पड़ता है। सिंगल ट्रेक होने के चलते इस रूट पर ट्रेनों की संख्या भी सीमित रहती है। रेवाड़ी से फुलेरा तक करीब 220 किलोमीटर लंबा यह रेलमार्ग दोहरीकरण के बाद बडी संख्या में ट्रेने से संचालित हो सकेगी।

पहले चरण में यहां तक होगा काम: बता दें कि रेलवे सूत्रों के अनुसार पहले चरण में कुंड से न्यू अटेली रेलवे स्टेशन और उसके बाद न्यू अटेली से नारनौल रेलवे स्टेशन तक ट्रैक दोहरीकरण का कार्य किया गया।

दूसरे चरण में यहां तक होगा काम: अब दूसरे चरण में कुंड से रेवाड़ी तक नया ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद आगामी चरण में नारनौल से फुलेरा तक दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूरा रेलमार्ग दोहरी लाइन में बदल जाएगा।

वर्तमान में नारनौल से राजस्थान के फुलेरा तक रेल मार्ग सिंगल ट्रैक है। इस कारण लंबी दूरी की ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए कई बार स्टेशनों पर रुकना पड़ता है, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है और ट्रेनों की संख्या भी सीमित रहती है। रेवाड़ी से फुलेरा तक करीब 220 किलोमीटर लंबा यह रेलमार्ग दोहरीकरण के बाद क्षेत्र में रेल यातायात को अधिक सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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