हरियाणा : नए साल की शुरुआत के साथ ही हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोगों को बडा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों ऐसे परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक आय सीमा के कारण EWS श्रेणी के दायरे से बाहर रह जाते थे।
आधिकारिक पत्र जारी: मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है, जिससे यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है। हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2025 में EWS पॉलिसी को लागू किया था, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास, शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
इस नीति के तहत राज्य की प्रत्येक लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20 प्रतिशत प्लॉट और हर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में 15 प्रतिशत फ्लैट EWS वर्ग के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। इससे वर्षों से किराए के मकानों या झुग्गियों में रह रहे लोगों को खुद का घर पाने में मदद मिलेगी।
EWS वर्ग को आरक्षण का लाभ : राज्य सरकार के अनुसार संशोधित आय सीमा केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुरूप की गई है। यह नया इनकम क्राइटेरिया प्रदेश में सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान EWS आरक्षण पर लागू होगा। इसके साथ ही सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में दाखिले के समय भी इसी आय सीमा के आधार पर EWS वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
बता दें कि हरियाणा में इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी निर्देशों के तहत EWS वर्ग के लिए वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन समय-समय पर हुई समीक्षा के बाद सरकार ने अब इसे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
EWS प्रमाण पत्र की वैधता एक वर्ष : यह भी बता दे कि EWS वर्ग को प्रदेश में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण, आरटीई के तहत निःशुल्क शिक्षा, चिराग योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता जैसे कई लाभ मिलते हैं। EWS प्रमाण पत्र की वैधता एक वर्ष होती है, जिसे हर साल नवीनीकरण कराना आवश्यक है।
















