हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की परीक्षाओं में पेपर लीक होने के बाद CM Saini सख्त मूड में हैं। उन्होंने लगभग तीन दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही, अब उन्होंने परीक्षा में नकल रोकने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए जिला उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) की जवाबदेही तय कर दी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जिले में परीक्षा के दौरान नकल होती है या पेपर लीक होता है, तो इसके लिए संबंधित जिले के डीसी और एसपी को उत्तरदायी माना जाएगा। मुख्यमंत्री की इस सख्ती के बाद शिक्षा बोर्ड भी एक्शन मोड में आ गया है। शिक्षा विभाग ने पारदर्शी और नकलमुक्त परीक्षा कराने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है।
परीक्षा केंद्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश
शिक्षा बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, वहां परीक्षा के दिन केवल उन्हीं कर्मचारियों की उपस्थिति रहेगी, जिन्हें वार्षिक परीक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, बोर्ड परीक्षा के दिन केवल निरीक्षण दल और परीक्षार्थियों को ही स्कूल परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।
शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, इसलिए वे परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि परीक्षा बिना नकल के संपन्न हो।
निदेशालय ने कहा है कि जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, वहां बोर्ड परीक्षा के अलावा अन्य कक्षाओं के लिए गैर-कार्य दिवस (अवकाश) घोषित करने का निर्देश दिया जाए। परीक्षा के दौरान स्कूल स्टाफ का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
वार्षिक परीक्षा में निगरानी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। यदि किसी परीक्षा केंद्र में लापरवाही या नकल से संबंधित घटना सामने आती है, तो संबंधित स्कूल प्रमुख और परीक्षा केंद्र अधीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की 12वीं अंग्रेजी परीक्षा और 10वीं गणित के पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कड़ा कदम उठाया है। नूंह और पलवल जिलों में तैनात चार डीएसपी (DSP), तीन एसएचओ (SHO), एक चौकी इंचार्ज सहित कुल 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा, परीक्षा में ड्यूटी कर रहे पांच निरीक्षकों (Invigilators) पर भी कार्रवाई की गई है। इन पांचों निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर दी गई है। साथ ही, दो परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और चार बाहरी तथा आठ आंतरिक व्यक्तियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में उठाए गए कदम
हरियाणा सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए डिजिटल निगरानी – प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष डिजिटल निगरानी प्रणाली अपनाई जाएगी।
- सख्त प्रशासनिक कार्रवाई – परीक्षा में नकल करने या कराने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होगी।
- नकलबाजों पर कानूनी कार्रवाई – नकल करने वाले परीक्षार्थियों और उन्हें सहयोग देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी – हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष उड़नदस्ते तैनात किए जाएंगे।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
हरियाणा सरकार की इस सख्ती को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ छात्रों का कहना है कि इससे नकल पर पूरी तरह से रोक लगेगी और मेहनती छात्रों को न्याय मिलेगा। वहीं, कुछ छात्रों को चिंता है कि कहीं यह सख्ती अनुचित दबाव न बना दे।
अभिभावकों का मानना है कि यह कदम परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक है, जिससे भविष्य में ऐसे पेपर लीक और नकल की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
आगे की कार्रवाई पर नजर
हरियाणा बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। अब देखना होगा कि सरकार की इन नई व्यवस्थाओं से परीक्षा प्रणाली कितनी निष्पक्ष और सुरक्षित बनती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की इस सख्ती के बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है और देशभर में बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकती है।

















