धारूहेड़ा: छठ महापर्व की तैयारियों में व्रतधारी जुट गए हैं। चार दिन चलने वाले आस्था के पर्व को लेकर कल, यानी 25 अक्टूबर को नहाय खाय है। यह चार दिवसीय महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है, जो दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक महीने में शुरू होता है।Chhath Puja 2025
छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान: बता दे कि नहाय-खाय (25 अक्टूबर) को है यह पर्व का पहला दिन है, जिसमें व्रती पवित्र नदियों या जलाशयों में स्नान करके व्रत की शुरुआत करते हैं। घर की साफ-सफाई की जाती है और सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।
20 जगह बने है घाट: कस्बे में छठ पर्व को लेकर इस बीस से ज्यादा स्थानों पर घाट बनाए गए है। एक दशक पहले पूर्वांचल के लोग छठ पर्व मनाने अपने गांव जाते थे, लेकिन आजकल सुविधाएं उपलब्ध होने के चलते 80 फीसदी लोग यहां पर व्रत मनाते है। धारूहेड़ा छठ पर्व को लेकर रामनगर, आजाद नगर, शिव नगर, नीलगिरी कॉलोनी, कापडीवास गांव, महेश्वरी, मालपुरा, गुर्जर घटाल, सेक्टर चार व छह, रामजस नगर, विशाल कॉलोनी, देव नगर में घाट बनाए गए है।
घाटों पर की सजावट: जगह घाट बनाने के साथ सजावट शुरू कर दी है। आयोजनों में स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे है। इसी के चलते हर साल व्रत मनाने वालो की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

















