चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा ने एक बार फिर मेयर पद पर कब्जा जमा लिया है। गुरुवार को हुए मेयर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी ने जीत दर्ज की और वे चंडीगढ़ के नए मेयर चुने गए। इस बार मेयर चुनाव की प्रक्रिया हाथ उठाकर मतदान के जरिए पूरी की गई, जिससे परिणाम जल्दी और स्पष्ट रूप से सामने आ गया।
भाजपा की स्थिति मजबूत: मेयर चुनाव की शुरुआत प्रिजाइडिंग अफसर रमणीक बेदी ने करवाई। सबसे पहले कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में मतदान कराया गया, लेकिन आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया। इसी चरण में यह संकेत मिल गया था कि भाजपा की स्थिति मजबूत है और जीत की दिशा लगभग तय हो चुकी है। कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन न मिलने से सदन में राजनीतिक समीकरण साफ नजर आए।
समर्थन में मतदान कराया: इसके बाद भाजपा प्रत्याशी सौरभ जोशी के समर्थन में मतदान कराया गया। हाथ उठाकर हुई वोटिंग में सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस पार्षदों ने निगम सदन से वॉकआउट कर दिया और चुनाव प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। हालांकि, मतदान पूरी तरह से निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ।
योगेश ढींगरा को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया: आम आदमी पार्टी की ओर से योगेश ढींगरा को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया गया था। ढींगरा को कुल 7 वोट मिले। खास बात यह रही कि पार्टी के भीतर बगावती रुख अपनाने वाले रामचंद्र यादव ने भी अंत में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया, जिससे पार्टी की आंतरिक एकजुटता का संदेश गया।
मेयर चुनाव के नतीजों के साथ ही चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो गई है। सौरभ जोशी की जीत को पार्टी के लिए एक अहम राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी एक बार फिर उजागर हुई है।

















