हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के पानीपत जिले में पहला इलेक्ट्रिक बस डिपो पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और आगामी तीन महीनों के भीतर इसे पूर्ण क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि पानीपत जिले को कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से अब तक 15 इलेक्ट्रिक बसें पानीपत डिपो को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि शेष बसें भी अगले तीन महीनों के भीतर डिपो को सौंप दी जाएंगी।
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि पानीपत इलैक्ट्रिक बस डिपो बसों के संचालन के लिए पूरी तरह सक्षम है और सभी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि पानीपत जिले को कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से अब तक 15 इलेक्ट्रिक बसें पानीपत डिपो को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि शेष बसें भी अगले तीन महीनों के भीतर डिपो को सौंप दी जाएंगी। सभी बसों के मिलने के बाद पानीपत शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि शहर के भीतर यातायात को सुचारू बनाया जाए और प्रदूषण को कम किया जा सके।
अनिल विज ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में जगह-जगह चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं और इस कार्य के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कराने में किसी तरह की परेशानी न हो और भविष्य में हरियाणा को इलेक्ट्रिक वाहन फ्रेंडली राज्य के रूप में विकसित किया जा सके। पानीपत का यह इलेक्ट्रिक बस डिपो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।
अनिल विज ने कहा कि पानीपत शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत न केवल बसें उपलब्ध कराई गई हैं, बल्कि उनके चार्जिंग के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन का भी निर्माण किया गया है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार समय और तकनीक की जरूरत को समझते हुए काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि भविष्य में परिवहन बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में देशभर की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों से उनकी बातचीत हुई थी। इस दौरान कंपनियों ने सुझाव दिया कि जब तक पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं होते, तब तक इलेक्ट्रिक वाहनों का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकता।

















