Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं।Haryana News
बेहतर पार्किंग व्यवस्था, सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन: अधिकारियों का कहना है कि इस बार मेला अपने स्वरूप, व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिहाज से पहले से कहीं अधिक खास होगा।प्रशासन की ओर से दर्शकों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेले में बेहतर पार्किंग व्यवस्था, सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अलग से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।Haryana News
लिया जायजा: मेला प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी, ताकि सूरजकुंड मेला 2026 अपनी भव्यता, सांस्कृतिक विविधता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए एक बार फिर यादगार बन सके। मेले की तैयारियों की लेकर अधिकारियों की ओर जायजा भी लिया गया है।
पारंपरिक वस्तुएं मेले का प्रमुख आकर्षण: देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले शिल्पकारों के साथ-साथ कई विदेशी कलाकार और कारीगर भी मेले में अपनी पारंपरिक कला और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इससे दर्शकों को एक ही स्थान पर देश-विदेश की विविध संस्कृतियों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हस्तशिल्प स्टॉल, लोक कला और पारंपरिक वस्तुएं मेले का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
विरासत का बड़ा मंच: मेले में लोकनृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी। विभिन्न राज्यों और देशों की सांस्कृतिक झांकियां दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां लोग क्षेत्रीय स्वाद का आनंद ले सकेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेला संस्कृति और विरासत का बड़ा मंच बनेगा।

















