Haryana: हरियाणा में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में 11 नए जिले बनाने के लिए पुनर्गठन उप समिति के समक्ष प्रस्ताव रखे गए हैं। चंडीगढ़ में हुई पांचवीं बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि अब तक समिति को कुल 73 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 11 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के सुझाव शामिल हैं।Haryana
नए जिलों के लिए प्रस्तावित नाम:Haryana
- असंध
- नारायणगढ़
- मानेसर
- पिहोवा
- बरवाला
- सफीदों
- पटौदी
- डबवाली
- हांसी
- गोहाना
- रानियां
नए जिलों के गठन के लिए चार प्रमुख मानदंड तय किए गए हैं: आबादी 4 लाख से अधिक, क्षेत्रफल 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा और संबंधित जिले में 125 से 200 गांव होने चाहिए। इसी आधार पर उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के लिए भी अलग मानदंड बनाए गए हैं।
बैठक में कुछ गांवों को नए उपमंडलों और तहसीलों में शामिल करने की सिफारिश भी की गई। उदाहरण के तौर पर, गांव खुंगा को उपमंडल जींद में और गांव खानपुर रोरण को तहसील पिहोवा में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
समिति द्वारा लिए गए फैसले अब मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजे जाएंगे। उनकी मंजूरी के बाद ही नए जिलों और तहसीलों का गठन होगा। गौरतलब है कि 31 दिसंबर तक निर्णय लेना अनिवार्य है।
यदि इस समयसीमा तक फैसला नहीं हुआ तो नए जिलों और तहसीलों का गठन लगभग 18 महीने तक टल जाएगा, क्योंकि अप्रैल 2026 से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस दौरान प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव संभव नहीं होगा। ऐसे में अगली कार्रवाई केवल जून 2027 में ही की जा सकेगी।

















