मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

Haryna News: पानीपत रिफाइनरी ने छोडी विषैली गैस, 1600 एकड फसल हुई खराब, मुआवजे की मांग को लेकर किसानो ने किया प्रदर्शन

On: January 20, 2022 9:05 AM
Follow Us:

हरियाणा: पानीपत स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) की रिफाइनरी ने रात को विषैली गैस छोड दी है। रिफाइनरी से छोड़ी गई गैस से किसानो की करीब 1600 एकड़ में खड़ी फसलें खराब हो गई। लोग भी बीमार हुए। पशुओं के चारे के लिए लगाई गई बरसीन जल गई और गेहूं की फसल पूरी तरह खराब हो गई। इन गांवों के प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग करते हुए रिफाइनरी के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

https://www.best24news.com/?p=28356

पानीपत रिफाइनरी के आसपास के गांवों के किसानों ने इस मुद्दे पर पानीपत डीसी कार्यालय में अपनी शिकायत भी दी। इसके बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने लोगों और प्रशासन से दो दिन का समय मांगा और मामले की जांच करने की बात कही। यह समय सीमा गुरुवार शाम को समाप्त हो रही है।
इसी बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए प्रशासन की ओर से गठित टीम भी गांवों में पहुंची है। इस टीम में कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम ने गांवों में पहुंच कर फसलों की जांच की। टीम ने जांच रिपोर्ट जल्द पेश करने की बात कही है।

मूकबधिर नाबालिग से दरिंदगी: FSL टीम ने थाने पहुंचकर लिए सैंपल, 9वें दिन भी खुलासा नहीं

13 जनवरी सुबह साढ़े 11 बजे छोड़ी गैस

यह भी पढ़ें  टोल फास्टेग के नाम पर किया बडा बदलाव, एनईटीसी से रूकेगा फर्जीवाडा

रिफाइनरी की पूर्व दिशा के 7 गांव सिंहपुरा, सिथाना, रजापुर, ददलाना, कुताना, बोहली व रेरकलां के किसान बग्गा, जश्नदीप, शेर सिंह आदि ने बताया कि 13 जनवरी की सुबह करीब साढ़े 11 बजे रिफाइनरी ने विषैली गैस छोड़ी थी। जैसे ही गैस फैलने लगी, लोगों का दम घुटने लगा। काफी देर बाद हालत सामान्य हुए तो देखा कि बरसीन की फसल जल गई है और गेंहू की फसल खराब हो गई है।

प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। इसमें किसान संगठनों के नेता भी शामिल हुए। इसी दिन पहले ग्रामीण एकजुट होकर डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी नहीं मिले तो वे उनके कार्यालय में शिकायत पत्र दे दिया। इसके बाद रिफाइनरी के प्रवेश द्वार के बाहर प्रदर्शन किया गया और नष्ट फसल का मुआवजा मांगा गया। किसान नेता जगदीप सिंह औलख ने आरोप लगाया है कि रिफाइनरी से निकलने वाली गैस से सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल सूख गई।

यह भी पढ़ें  Haryana news: वर्षो पुरानी मांग हुई पूरी, हिसार से चंडीगढ़ के बीच दौडेगी MEMU ट्रेन, जानिए कहां कहां होगा ठहराव

https://www.best24news.com/?p=28322

कृषि विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्र का किया मुआयना

किसानों के कई घंटों तक के प्रदर्शन के बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इसके बाद प्रबंधन प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने के लिए राजी हो गया। प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि वे कृषि विशेषज्ञों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना कराएगा। इसके लिए उसने प्रदर्शकारी किसानों से 2 दिन की मोहलत मांगी है। मोहलत के अनुसार, कृषि विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया और जल्द ही रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को देने के बारे में कहा।

भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी गठित: रामानंद यादव व कृष्ण कुमार बने सह-संयोजक

रिफाइनरी अधिकारियों ने आरोपों को बताया निराधार
रिफाइनरी के अधिकारियों ने किसानों के आरोपों को आधारहीन बताया है और कहा है कि रिफाइनरी से कभी जहरीली एवं विषैली गैस नहीं निकलती है। फिर भी किसानों के लिए अपने स्तर पर जांच भी की गई, जिसमें इस तरह की गैस छोड़े जाने का कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है। उनका कहना है कि बारिश या खराब मौसम की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा होगा। लेकिन बावजूद इसके उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाया है।

P Chauhan

हमारा मकसद देश की ताजा खबरों को जनता तक पहुंचाना है। मै पिछले 5 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now