Haryana: हरियाणा पावर इंजिनीयर्स एसोसिएशन (एचपीईए) के तत्वावधान में हिसार में आपात बैठक आयोजित कर बिजली मंत्री अनिल विज व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की तानाशाहपूर्ण कार्रवाही के खिलाफ़ रोष प्रदर्शन किया। क्योंकि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के जींद ऑप्रशेन सर्कल के सुप्रीटेंडिंग इंजिनीयर (एसई) हरिदत्त के निलम्बन के जारी हुए आदेश के खिलाफ़ हरियाणा पावर यूटिलिटीज के इंजिनीयर्स लामबंद हो गये हैं।
एचपीईए के राज्य महासचिव रविंद्र घणघस ने आरोप लगाया कि एसई हरिदत्त द्वारा मंत्री महिपाल ढांडा का फोन ना उठाने का आरोप बेबुनियाद है, जबकि हकीकत यह है कि जिस समय उनका फोन आया उस समय उपरोक्त एसई बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा चंडीगढ़ में बुलाई गई गर्मियों की तैयारियों से संबंधित राज्य स्तरीय बैठक में हिस्सेदारी ले रहे थे।
इस बैठक में चारों पावर यूटिलिज के मैनेजिंग सभी डायरेक्टर्स, टैक्निकल डायरेक्टर्स, चीफ इंजिनीयर्स व सुप्रीटेंडिंग इंजिनीयर्स शामिल थे। बैठक में किसी प्रकार का व्यव्धान पैदा ना हो और स्वयं बिजली मंत्री को नागवार ना गुजरे इसलिए एसई हरिदत्त मंत्री महिपाल ढांडा का उस समय फोन नहीं उठा सके। लेकिन बैठक खत्म होते ही उन्होनें तुरंत कॉलबैक करके बातचीत करनी चाही पर मंत्री ने फिर उनका फोन सुनने की बजाय बिजली मंत्री को कार्रवाही की शिकायत कर डाली।
घणघस ने कहा कि यह इंजिनीयर के खिलाफ़ जानबूझकर विचित्र स्थिति पैदा करके दंडात्मक कार्रवाही की कोशिश की गई है। उन्होनें कहा कि फिलहाल हर चीफ इंजिनीयर के पास दो पोस्ट का प्रभार है इसके बिजली निगमों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है l पावर इंजिनीयर्स इस कार्रवाही को तमाम इंजिनीयर्स पर दबाव बनाकर उन्हें मानसिक तौर प्रताङित किये जाने के तौर पर देख रहे हैं।
उन्होनें कहा कि उपरोक्त एसई का निलंबन तुरंत प्रभाव से वापिस लेकर उन्हें तुरंत बहाल किया जाये ताकि टकराव की स्थिति को टाला जा सके।हिसार जोनल प्रेजिडेंट आशीष मोदी ने इस दौरान कहा कि आगामी बुधवार तक हिसार जोन स्तर पर सुबह नौ से ग्यारह बजे तक रोज गेट मीटिंग आयोजित कर दोनों मंत्रियों के खिलाफ़ रोष प्रदर्शन किया जायेगा।
ये रहे मौजूद: इस मौक़े पर एसई सोमबीर, एसई कृष्ण स्वरुप, एक्सईएन रविंद्र कालीरावण, संकल्प परिहार, विनीत पात्तङ, होशियार सिंह जाखङ, राजेश कुमार, राहुल महला, विजय सिंह, उपेंद्र कुमार, साहिल कुमार, साहिल गर्ग, अजीत कुमार, राम कटारा, विरेंद्र राणा आदि बङी संख्या में पावर इंजिनीयर्स मौज़ूद रहे।

















