Shrimad Bhagwat Katha: अहंकार त्यागने और प्रकृति प्रेम का दिया संदेश

On: March 21, 2026 7:41 PM
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सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा में गुरूवार को श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं, जैसे पूतना वध, माखन चोरी, और कालिया नाग मर्दन का वर्णन किया।

धारूहेड़ा: आकेडा के प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा (Shrimad Bhagwat Katha) में गुरूवार को श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं, जैसे पूतना वध, माखन चोरी, और कालिया नाग मर्दन का वर्णन किया। Shrimad Bhagwat Katha

कथा वाचक फलाहारी रूपचंद महाराज ने श्रीमद भागवत कथा में पांचवे दिन लोगों को अहंकार त्यागने और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। कहा कि मानव जीवन बार बार नहीं मिलता। ऐसे में बिना स्वार्थ के जीवन यापन करना चाहिए। बाल लीलाओं से श्रद्धालु भाव-विभोर हो जाते हैं। इसके साथ ही, गोवर्धन लीला और गोवर्धन पूजा का प्रसंग किया गया।

जिसके चलते पंडाल जयकारों और भजनों से गूंज उठता है और भक्त उत्साहपूर्वक इन लीलाओं का आनंद लेते हैं। इस मौके मास्टर तारा चंद, चंदन, मातूराम, प्रदीप यादव, लखीराम, विनोद कुमार मौजूद रहे।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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