IAS Officer Salary: एक IAS को कितनी मिलती है सैलरी, 8वें वेतन आयोग से इसमें कितना होगा इजाफा ?

On: March 21, 2026 11:27 PM
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IAS Officer Salary: How much salary does an IAS get, how much will it increase with the 8th Pay Commission?

IAS Officer Salary: देश की सबसे प्रतिष्ठित और ताकतवर नौकरियों में IAS अधिकारी का नाम सबसे ऊपर आता है. UPSC की कठिन परीक्षा पास कर कोई जब IAS बनता है, तो वो सिर्फ एक सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि सिस्टम की रीढ़ बन जाता है. उसके पास पूरे जिले को चलाने की ताकत होती है.

चाहे कानून-व्यवस्था हो, सरकारी योजनाएं हों, स्कूल और अस्पताल की हालत हो या फिर प्राकृतिक आपदा, एक IAS अफसर हर जगह कमान संभालता है. शुरुआती पोस्टिंग के बाद IAS अधिकारियों को जिलाधिकारी (DM) के रूप में पोस्टिंग मिलती है, जहां वह एक पूरे जिले का प्रशासनिक अधिकारी बन जाता है.

मंत्री से कम नहीं मिलती सुविधाएं

IAS अफसर को VIP ट्रीटमेंट भी किसी मंत्री से कम नहीं मिलता. गाड़ी, बंगला, सुरक्षाकर्मी, स्टाफ, और सरकारी रुतबा सबकुछ मिलता है. शहर में चाहे वो जहां जाए, उनके साथ पुलिस सुरक्षा मौजूद रहती है. यही नहीं, जैसे-जैसे प्रमोशन होते हैं, IAS अधिकारी सचिवालयों में पहुंच जाते हैं, जहां वे नीतियां बनाने, बजट तय करने और कानूनों के खाके तैयार करने का काम करते हैं. यानी देश के फैसले बनाने में उनका सीधा रोल होता है.

कितनी मिलती है सैलरी

अब बात सैलरी की करें तो एक IAS अफसर को 7वें वेतन आयोग के तहत शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 56,100 रुपये प्रति महीना मिलती है. इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल भत्ता (TA), डियरनेस अलाउंस (DA) और कई अन्य सुविधाएं मिलती हैं. सब मिलाकर ये सैलरी 1 लाख से ऊपर आसानी से पहुंच जाती है. प्रमोशन के साथ-साथ ये रकम 2.5 लाख प्रतिमाह तक चली जाती है, जो कैबिनेट सचिव (देश का सबसे सीनियर IAS अफसर) को मिलती है.

8वें वेतन आयोग के बाद कितनी होगी बढ़ोतरी

अब आने वाले 8वें वेतन आयोग को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. अगर इसे 2026 में लागू किया जाता है तो सैलरी में लगभग 25-30% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. यानी एक IAS अफसर की बेसिक सैलरी 70,000 से ऊपर जा सकती है और कुल सैलरी 1.5 लाख प्रतिमाह से भी ज्यादा हो सकती है.

कुल मिलाकर देखा जाए तो IAS बनना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि वो दरवाजा है जिससे कोई भी सीधे सत्ता और फैसले की गली में दाखिल हो जाता है. ठाठ-बाट, ताकत और तगड़ी सैलरी सबकुछ एक साथ मिलता है, लेकिन इसके लिए मेहनत भी वैसी ही करनी पड़ती है.

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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